Skip to main content

भूलकर भी गणपति जी की पूजा में तुलसी का न करें उपयोग, वजह जान दंग रह जायेंगें आप

 


Ganesh Chaturthi : हमारी हिन्दू संस्कृति में कोई भी शुभ कार्य या मांगलिक कार्य करने से पूर्व गणपति जी की पूजा की जाती है. कहा जाता है की गणपति जी सुखकर्ता, दुःखहर्ता और विघ्नहर्ता माने जाते है। ऐसा माना जाता है कि गणपति बाप्पा में किसी भी विघ्न और अमंगल को  दूर करने की क्षमता होती है। शिव और भगवान विष्णु ने भी अपने कार्य को पूरा करने के लिए समय-समय पर गणेश की पूजा की है।

इस दिन मनाया जायेगा गणेश चतुर्थी का त्यौहार : 

गणेश चतुर्थी इस वर्ष 19 सितंबर को है और इसे भगवान गणेश की जयंती के रूप में मनाया जाता है। इस त्यौहार को विनायक चतुर्दशी या गणेश चतुर्दशी के नाम से भी जाना जाता है इस पूरे देश में बहुत धूमधाम और उल्लास के साथ मनाया जाता है यही नहीं कई लोग विदेशों में भी अपने घर पर गणेश जी की स्थापना करते है.

जानिए क्यों नहीं चढ़ाई जाती गणपति को तुलसी :

वैसे तो तुलसी को पूजा में उपयोग किया जाता है यही नहीं  इसे भारत में सबसे पवित्र पौधा माना जाता है। परन्तु गणपति जी को तुलसी नहीं चढ़ाई जाती है. गणपति जी  को ध्रुवा घास और लाल रंग के जसवंती फूल भगवान सबसे अधिक प्रिय हैं। धर्मराज की बेटी, तुलसी, अपनी युवावस्था में भगवान विष्णु की बहुत बड़ी भक्त थी। वह अक्सर गंगा के तट तक जाती थीं और पास के भगवान विष्णु के मंदिर में पूजा करती थीं।एक दिन तुलसी जब  नदी के किनारे पर जा रही थी, तो उसने एक सुन्दर युवक को गहरे ध्यान में बैठे देखा; संजोग से वह भगवान गणेश थे.

ध्यान के कारण उनकी बढ़ती हुई आभा ने तुलसी को उनकी ओर आकर्षित कर दिया. वह उनके पास आई और अपने प्यार का इज़हार किया; यही नहीं उन्होंने गणपति के सामने शादी का प्रस्ताव रखा.ब्रह्मचर्य के अपने कठोर मार्ग पर चलते हुए, भगवान गणेश ने विनम्रतापूर्वक उसके प्रेम और विवाह के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। इससे तुलसी क्रोधित हो गईं। उन्होंने इसे अपना अपमान मानकर अपने दर्द का बदला लिया और गणेश जी को श्राप दे दिया.तुलसी ने उन्हें श्राप दिया कि एक दिन उसे उसकी इच्छा के विरुद्ध विवाह करना पड़ेगा। उनकी नफरत देखकर भगवान गणेश ने भी तुलसी को श्राप दिया कि भविष्य में उनका विवाह एक असुर से होगा।

गणेश के श्राप के प्रभाव से भयभीत तुलसी को तुरंत अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने क्षमा मांगी। उसके बहुत आग्रह के बाद, गणेश तैयार हो गये।उन्होंने अपने श्राप को आशीर्वाद के रूप में बदल दिया और कहा कि वह भगवान विष्णु के आशीर्वाद से श्राप से मुक्त हो जाएंगी और एक पवित्र पौधे (जड़ी-बूटी) में बदल जाएंगी।

लेकिन उन्होंने उसे कहा की वो गणपति जी की पूजा के लिए अस्वीकार्य रहेगी और हमेशा उनसे दूर रहेगी।

बाद में श्राप के कारण तुलसी का विवाह राक्षस राजा ‘शंखचूड़’ से हुआ, जो जलंधर के नाम से जाना जाता था। उसके अत्याचारों के कारण भगवान शिव ने उसकी हत्या कर दी।

Disclaimer: यहां मुहैया सूचना सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है. Cricketadda इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।

Comments

Popular posts from this blog

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...

अपने होने वाली पार्टनर से शादी से पहले ही कर लें ऐसी बातें, नहीं होगी परेशानी

शादी इंसान के जीवन का सबसे अहम फैसला है, चाहे लड़का हो या लड़की। आज का दौर अलग है आज कोई भी लड़का -लड़की अपने जीवनसाथी को चुनता है परखता है आज के समय में शादी से पहले एक दूसरे को जानना -पहचानना पसंद करते है। कोई भी लड़का जब भी शादी का विचार करता है तो वो एक आनंदमय जीवन जीने की इच्छा रखता है शादी करने से पहले लड़का -लड़की होने वाले पार्टनर का चुनाव करने से पहले कई तरह की बातों पर विचार -विमर्श करना चाहिए। शादी से पहले ही कर लें ऐसी बातें लड़को को ऐसी लड़किया बहुत पसंद आती है जो आत्मनिर्भर होने के साथ -साथ मेच्योर भी होती है। ऐसे में अगर आप भी जब भी लड़की देखने जाएं तो सबसे पहले अपने दिमाग में चल रहे हर सवाल जवाब का उत्तर जान ले। शादी से पहले आपके पास इतना समय होता है कि आप अपने होने वाले जीवनसाथी की सोच के बारे में जान सकें आपको ये जानना चाहिए की शादी से पहले रोमांस ,प्यार ,सेक्स के बारे में आपका पार्टनर क्या सोचता है। आपको उनसे सभी चीजों के बारे में खुलकर बात जरूर करनी चाहिए जो आपको पसंद है इससे आपको पसंद नापसंद का पता चल जाएगा। अगर आपके मन में फेमली प्लानिंग को लेकर कोई भी सवाल है तो अपने होने...