
भारत में लॉकडाउन के कारण पिछले दिनों मजदूरों और छात्रों को परेशान होते देखा गया है. लेकिन अब सरकार ने लॉकडाउन में फंसे लोगों को बड़ी राहत दी है. सरकार ने लॉकडाउन के कारण विभिन्न राज्यों में फंसे प्रवासी मजदूरों, छात्र, तीर्थयात्रीयों और जवानों को अपने राज्य वापस लौट जाने की अनुमति दी है लेकिन इसके लिए कुछ नियम भी तय किए गये हैं.
इस नए नियम के लिए गृह मंत्रालय की तरफ से दिशा-निर्देश जारी किए गये हैं. इन निर्देशों के अनुसार, कोई भी अपने राज्य लौट सकता है लेकिन उसके लिए उसे अपनी राज्य सरकार की इजाजत लेनी होगी. इतना ही नहीं वो व्यक्ति सिर्फ बसों के जरिए ही अपने राज्य जा सकता है और उसे घर पहुंचते ही खुद को क्वारंटाइन करना होगा.

सभी राज्यों में फंसे लोगों को उनके घरों तक भेजने के लिए राज्यों में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जायेंगे और एक मानक प्रोटोकॉल तैयार करना होगा. लोगों को उनके घर भेजने से पहले नोडल अधिकारी उन्हें पंजीकृत करेंगे. इसके बाद अगर राज्य में फंसे लोग दूसरे राज्य में जाने को तैयार होंगे तो उन्हें सड़क के रास्ते भेजा जायेगा.
इसके बाद अपने-अपने घरों तक पहुंचे लोगों को राज्य में पहुंच कर प्रशासन को इसकी जानकारी देनी होगी और फिर 14 दिनों तक क्वारंटाइन में रखना होगा.

प्रवासी मजदूरों को देखते हुए और बिहार, झारखंड, महाराष्ट्र जैसे राज्यों की मांग के बाद गृह मंत्रालय ने अलग-अलग जगहों पर फंसे लोगों के लिए ये गाइडलाइन तैयार की है.
बता दें, देश में कोरोना संक्रमण 31 हजार के पार हो चुका है. पिछले 24 घंटों में कोरोना के 1800 से ज्यादा मामले दर्ज किए जा चुके हैं जबकि 71 लोगों की मौत हो चुकी है. इनमें से 1000 से ज्यादा लोगों की जान अब तक जा चुकी है, इस बीच राहत कि बात यह है कि कोरोना से 7 हजार से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं.
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