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4 जून के बाद खटाखट मिलेंगे 1 लाख! खाता खुलवाने को लगी मुस्लिम महिलाओं की भीड

 

बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में आम तौर पर खाली रहने वाले जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ) में ‘इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक’ खाते खुलवाने के लिए महिलाओं की अभूतपूर्व भीड़ देखी जा रही है।

देश में लोकसभा चुनाव अभी जारी हैं, लेकिन महिलाएं डाक घर में खाता खुलवाने के लिए लंबी कतारों में लगी हैं। इन महिलाओं में से अधिकतर महिलाएं अल्पसंख्यक समुदाय की हैं।

उनमें से कुछ महिलाओं का मानना ​​है कि ‘‘इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक’’ (आईपीपीबी) खाता खुलवाने से उन्हें हर महीने 8,500 रुपये मिलने की गारंटी होगी।

डाक घर में खाता खुलवाने आई एक महिला ने बताया कि वह सुबह-सुबह ही कतार में लग गई थी।

एक अन्य महिला ने बताया कि उसके मोहल्ले में सभी लोग कह रहे हैं कि खाता खुलने के दिन से ही पैसा आना शुरू हो जाएगा, इसलिए वह भी खाता खुलवाने आई है। ज्यादातर महिलाएं शिवाजीनगर, चामराजपेट और आसपास के इलाकों से थीं।

जीपीओ-बेंगलुरु के मुख्य पोस्ट मास्टर एच एम मंजेश ने संवाददाताओं से कहा कि लोग इस विश्वास के साथ खाते खुलवाने के लिए डाक घर आ रहे हैं कि डाक विभाग उनके खातों में 2,000 रुपये या 8,500 रुपये जमा करेगा।

मंजेश ने कहा, ‘‘दरअसल यह एक अफवाह है। किसी ने यह अफवाह फैलाई है। डाक विभाग उन्हें कोई धन राशि नहीं देगा। हालांकि, इस खाते का इस्तेमाल किसी भी तरह के ऑनलाइन लेनदेन या फिर प्रत्यक्ष लाभ (अंतरण) योजना के लिए किया जा सकता है।’’ उन्होंने कहा कि डाक विभाग ने उपभोक्ताओं को इस बारे में पहले ही सूचित कर दिया है।

मुख्य पोस्ट मास्टर ने कहा, ‘‘हमने कुछ पोस्टर भी प्रदर्शित किए हैं। इसके बावजूद, ग्राहक अनुरोध कर रहे हैं कि हम उनके लिए आईपीपीबी खाते खोलें।’’ उन्होंने कहा कि इतनी भीड़ थी कि जीपीओ भवन के बाहर खुले आसमान के नीचे और अधिक काउंटर खोले गए।

डाक विभाग के सूत्रों के अनुसार, पिछले तीन दिन से यह भीड़ देखी जा रही है। समझा जाता है कि कांग्रेस के कुछ विधायकों ने यह अफवाह फैलाई है, जिस पर विश्वास करके महिलाएं जीपीओ आ रही हैं।

इन विधायकों ने कहा कि महिलाओं को चार जून के बाद पैसा मिलना शुरू हो जाएगा, ‘जब ‘इंडिया’ गठबंधन सत्ता में आएगा।’

कांग्रेस ने केंद्र की सत्ता में आने पर महालक्ष्मी योजना शुरू करने का वादा किया है जिसके तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) श्रेणी के परिवारों की महिला मुखियाओं के खाते में सीधे 8,500 रुपये जमा किए जाएंगे।

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