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अधिक मात्रा में करते हैं हींग का इस्तेमाल, तो जान लीजिए यह आवश्यक बात…



संस्कृत में एक उक्ति है, ‘अति सर्वत्र वर्जयेत्’। जिसका हिंदी अर्थ होता है कि अति करने से हमेशा बचना चाहिए। जी हां अति किसी भी चीज़ की हो। वह नुकसानदेह ही होती है। ऐसे में आज हम आपको खाने का ज़ायका बढाने के लिए इस्तेमाल होने वाली हींग की बात बताने जा रहें हैं।

बता दें कि भोजन के स्वाद को बढ़ाने के लिए हम कई तरह के मसालों और औषधियों को प्रयोग में लाते हैं। आयुर्वेद के मुताबिक भोजन में मसालों को शामिल करने से न सिर्फ स्वाद को बढ़ाया जा सकता है, बल्कि साथ ही साथ मसालों के औषधीय गुण सेहत के लिए विशेष लाभदायक माने जाते हैं।

हींग का उपयोग न केवल व्यंजनों में बल्कि बहुत से घरेलू उपाय में भी किया जाता है। वहीं ध्यान देने वाली बात यह है कि किसी भी मसाले या औषधि का उपयोग सीमित मात्रा में ही किया जाना चाहिए। मसालों और औषधियों का सीमित मात्रा में सेवन जितना फायदेमंद है, वहीं इसकी मात्रा को बढ़ा देना सेहत के लिए काफी नुकसानदायक भी हो सकता है।

ऐसे में आइए आज हम आपको बताते हैं कि कैसे हींग का अधिक मात्रा में उपयोग आपके लिए किस स्तर तक नुकसानदेह साबित हो सकता है…

इतनी मात्रा में हींग का सेवन रहेगा फ़ायदेमंद…

बता दें कि वैसे तो मनुष्यों पर हींग के सेवन और सुरक्षात्मक मात्रा को लेकर सीमित अध्ययन उपलब्ध हैं। वहीं आमतौर पर खाना पकाने में उपयोग की जाने वाली हींग की मात्रा ज्यादातर व्यक्तियों के लिए सुरक्षित मानी जाती है। इसके अलावा एक अध्ययन में पाया गया कि प्रतिदिन दो बार में 250 मिलीग्राम हींग के सेवन को सुरक्षित माना जा सकता है।

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