Skip to main content

नहीं हैं पैसे तो मुफ्त में शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगी तगड़ी कमाई



अगर आपकी नौकरी चली गई है या बिजनेस बंद हो गया है और आपके पास नया कारोबार शुरू करने के लिए पैसे नहीं है, तो हम आपके लिए एक ऐसा बिजनेस आइडिया लेकर आए हैं. इसके लिए आपको ज्यादा निवेश भी नहीं करना होगा और आपकी हर महीने अच्छी कमाई भी हो सकेगी.


यह बिजनेस है आधार कार्ड से संबंधित. आप जानते ही हैं कि आधार कार्ड बहुत ही जरूरी हो गया है और हर किसी को आधार कार्ड की जरूरत पड़ती ही रहती है. आधार कार्ड में अगर किसी तरह की कोई गलती होती है तो उसके सुधार के लिए कॉमन सर्विस सेंटर या UIDAI की फ्रेंचाइजी पर जाकर सुधार करवाना पड़ता है. आप भी आधार कार्ड की फ्रेंचाइजी ले सकते हैं.

क्या करना होगा

अगर आपको आधार कार्ड की फ्रेंचाइजी लेनी है तो पहले UIDAI द्वारा आयोजित एक परीक्षा को पास करना पड़ेगा. इसके बाद आपको सर्विस सेंटर खोलने के लिए लाइसेंस मिल जाएगा. आप परीक्षा पास कर लेंगे तो आपको आधार इनरोलमेंट नंबर और बायोमैट्रिक वेरिफिकेशन कराना होता है, जिसके बाद आपको कॉमन सर्विस सेंटर से रजिस्ट्रेशन कराना होगा.

कैसे करें आवेदन

पहले NSEIT की https://uidai.nseitexams.com/UIDAI/LoginAction_input.action वेबसाइट पर जाएं. इसके बाद Create News User के ऑप्शन पर ें. फिर आपसे Share Code enter करने के लिए कहा जाएगा, जिसको प्राप्त करने के लिए आपको https://resident.uidai.gov.in/offline-kyc पर जाकर ऑफलाइन ई-आधार डाउनलोड करना होगा. डाउनलोड होने के बाद आपको XML File और Share Code दोनों मिल जाएंगे.

अप्लाई करने के दौरान स्क्रीन पर एक फॉर्म खुलेगा, जिसे भरकर सबमिट कर दें. इसके बाद आपको नंबर और ईमेल पर USER ID और Password पासवर्ड मिल जाएगा, जिससे लॉगिन करें और आगे बढ़ जाएं. इसके बाद आप Continue पर ें. फिर एक फॉर्म खुलेगा, जिसे भर दें. इसके बाद अपनी फोटो और डिजिटल हस्ताक्षर अपलोड कर दें. इसके बाद Proceed to submit form पर आगे बढ़ जाएं.

अब वेबसाइट के Menu में जाकर पेमेंट ऑप्शन पर ें. पेमेंट करने के बाद Please Click Here to generate receipt पर के पेमेंट रसीद भी डाउनलोड कर सकते हैं. फॉर्म भरने के बाद आपको एक-दो दिन इंतजार करना होगा. फिर जब आप दोबारा लॉगिन करेंगे तो बुक सेंटर पर अपने नजदीकी सेंटर का चुनाव कर सकते हैं. फिर आपको परीक्षा देनी होगी.

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...