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आफताब के बर्ताव को लेकर पड़ोसियों ने किया चौंकाने वाला खुलासा, धमकी दी थी: फ्लैट पर मत आना

छतरपुर पहाड़ी स्थित आफताब आमीन पूनावाला के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि आरोपित बहुत कम ही बाहर निकलता था। किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं करता था।
छतरपुर पहाड़ी स्थित आफताब आमीन पूनावाला के आसपास रहने वाले लोगों का कहना है कि आरोपित बहुत कम ही बाहर निकलता था। किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं करता था। यहां तक कि उसको परचून इत्यादि का सामान लेने के लिए भी घर से बाहर आते हुए लोगों ने नहीं देखा जाता था।

स्थानीयों का कहना है कि आरोपित समाज से अलग-थलग अपनी ही दुनिया में रहता था। ज्यादातर खाने-पीने की चीजें भी वह आनलाइन ही मंगाता था। आरोपित के घर के गेट के पास एक वैक्यूम क्लीनर का खाली डिब्बा मिला है। यहां तक कि फ्लैट के आसपास भी लोगों को आने से रोकता था। मिथिलेश को भी धमकाता था।

आनलाइन ही मंगवाता था चीजें
स्थानीयों द्वारा आशंका जताई जा रही है कि आरोपित ने श्रद्धा की हत्या के बाद घर की सफाई के लिए इसे मंगाया था। वहीं, आरोपित के घर के बाहर कूड़े में से आनलाइन मंगाई गई चाय का खाली कार्टून व बिल पड़ा हुआ भी मिला है और आरोपित आसपास की दुकानों से खाने-पीने का सामान भी नहीं लेता था। अन्य पड़ोसी का मानना है कि मैं आफताब के घर के सामने रहती हूं। मैंने कभी श्रद्धा को तो नहीं देखा लेकिन आफताब अधिकतर आनलाइन सामान मंगाता था।

नजदीक ही रह रहीं कुसुमलता का कहना है कि जब भी कोई आनलाइन सामान देने वाला आता तो वह नीचे आकर सामान लेता था। कभी किसी को ऊपर नहीं आने देता था। यहां तक कि वह घर के परचून का सामान भी आनलाइन ही मंगाता था।

पड़ोसी को चेताया था ऊपर आने की गलती मत करना
वहीं, पास ही रह रहे मिथिलेश की मानें तो मैं अपने दोस्त के साथ आफताब के घर वाली इमारत में ग्राउंड फ्लोर रहता हूं। एक दिन मुझे कहीं बाहर जाना था और घर की एक ही चाभी थी। इसके चलते मैं आफताब को चाभी देने के लिए ऊपर गया और मैंने आफताब से कहा कि जब मेरा दोस्त आएगा तो उसे चाभी दे देना। इस पर आफताब भड़क गया और बोला कि आज तो यहां आ गए हो। इसके बाद कभी ऊपर आने की गलती मत करना।

पानी चलाने के बारे में आफताब ने ली प्लंबर से जानकारी
प्लंबर राजेश ने बताया कि मैं आफताब के घर के सामने के मकान में रहता हूं। जब पहली बार आफताब और श्रद्धा रहने के लिए आए थे तब मैंने देखा था कि उनके पास ट्राली बैग था। उसके कुछ दिन बाद आफताब के मकान मालिक का फोन मेरे पास आया। उसने कहा कि आफताब के ऊपर यानि दूसरे तल पर जो किराएदार हैं उनको पानी चालू करना बता दीजिए। जब मैं बताने गया तो उसी समय आफताब भी वहां आ गया और पानी चलाने के बारे में सारी जानकारी मुझसे ली थी।

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