Skip to main content

भाई ने बहन को शादी में दिया दिवंगत पिता का स्टैचू, पिता से लिपट बेटी का रोना देख भावुक हुए मेहमान

बेटी की धूमधाम से शादी करना हर पिता का सपना होता है और हर बेटी चाहती है कि जब वो घर से विदा हो तो उसके माता पिता उसके साथ हों. हालांकि, नियति कई बेटियों का ये सपना पूरा नहीं होने देती. ऐसी ही एक बेटी की शादी हो रही थी, इस समय वह अपने दिवंगत पिता को याद कर रही थी. तभी अचानक से उसने सामने अपने पिता को बैठा पाया और उन्हें देख कर वो भावुकतावश रोने लगी.  



पिता को सामने देख रह गई हैरान 

Bride FatherScreengrab

आप सोचेंगे कि लड़की के दिवंगत पिता एकदम से उसके सामने कैसे आ सकते हैं? दरअसल ये उस लड़की के पिता नहीं बल्कि उसके भाई का दिया हुआ बेहद प्यार तोहफा था. एक वीडियो सोशल मीडिया पर इन दिनों काफी वायरल हो रहा है. इसमें एक भाई अपनी बहन को उसकी शादी में सरप्राइज देने के लिए दिवंगत पिता का वैक्स स्टैचू बनवाता है. 

Father Wax StatueTwitter

अब जब शादी के दिन लड़की के सामने पिता का वैक्स स्टैचू आता है, तो उसे देख वह भावुक हो जाती है और जोर-जोर से रोने लगती है.

सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा है वायरल 

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही इस वीडियो में अप देख सकते हैं कि अपनी शादी में पिता के वैक्स स्टैचू को देख दुल्हन भावुक होकर रोने लगती है और उसके साथ मौजूद उसकी मां और बाकी लोग भी इमोशनल हो जाते हैं. लड़की के दिवंगत पिता का वैक्स स्टैचू बिल्कुल भी नकली नहीं लगता. ऐसा लग रहा है मानों सच में लड़की के दिवंगत पिता उसके सामने हैं. लड़की अपने पिता के स्टैचू को गले लगा कर रोने लगती है और फिर साथ में बाकी परिवारवालों के साथ खड़े होकर फोटो भी खिंचवाती है. इस वीडियो ने लोगों का दिल छू लिया है. लोग इस पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं. 

कोरोना ने ले ली थी पिता की जान 

Father Wax StatueScreengrab

बता दें कि इस सरप्राइज को अवुला फानी नामक व्यक्ति ने अपनी बहन के लिए प्लान किया था. फनी ने अपनी बहन को अपने दिवंगत पिता अवुला सुब्रह्मण्यम की मोम की मूर्ति से आश्चर्यचकित कर दिया. इससे पहले एक इंटरव्यू में फनी ने बताया था कि वह संयुक्त राज्य अमेरिका में रहते थे.

Father Wax StatueTwitter

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फनी के पिता कोरोना की चपेट में आ गए थे. इलाज के दौरान उनका ऑक्सीजन लेवल काफी कम हो गया. जिस वजह से फनी के पिता का निधन हो गया था. फनी ने बताया कि उनकी मां और उनके दिवंगत पिता भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) में काम करते थे. उनके पिता की मोम की प्रतिमा कर्नाटक में बनाई गई थी और इसे पूरा होने में एक साल से अधिक का समय लगा.

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...