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दुनिया के अंत का पहला संकेत महामारी, अब 2021 की भविष्यवाणी में ये तबाही \



नई दिल्ली। फ्रांस के मशहूर भविष्यवक्ता नास्त्रेदमस की भविष्य बीते कई सालों से तो सही साबित होती आ रही हैं। जिसका सक्षात उदाहरण साल 2020 में पूरी दुनिया में फैली महामारी। नास्त्रेदमस ने अभी तक जो भी भविष्यवाणियां अपनी किताबों में लिखीं हैं, उनमें से करीब 70 प्रतिशत से ज्यादा की भविष्य साबित हो चुकी हैं। आज से लगभग सैकड़ों साल पहले नास्त्रेदमस ने लेस प्रोफेसीस नाम की एक किताब में भविष्यवाणियां की थी। नास्त्रेदमस की इस किताब का पहला संस्करण 1555 में आया था। बता दें, नास्त्रेदमस की इस किताब में कुल 6338 भविष्यवाणियां हैं, जिनमें से ज्यादातर सच साबित हो चुकी हैं।

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इंसान की प्रजाति का सर्वनाश
ऐसे में एक रशियन वैज्ञानिक ऐसा बायलॉजिकल वैपन और वायरस विकसित करेगा, जो इंसान को जॉम्बी बना देगा। इस तरह इंसान की प्रजाति का सर्वनाश हो जाएगा। बायलॉजिकल वैपन इस समय पूरी दुनिया के लिए खतरा बना हुआ है। कोरोना वायरस से मच रही तबाही का उदाहरण हमारे सामने है।

इस बारे में कई जानकार मानते हैं कि कोरोना वायरस को चीन के लैब में तैयार किया गया और तबाही का हथियार बनाया गया। नास्त्रेदमस के अनुसार, इस बार रूस में विकसित किया गया एक नया वायरस इंसानों के सर्वनाश का कारण बनेगा।

महामारी दुनिया के अंत के पहले संकेत
साल 2021 के बारे में नास्त्रेदमस द्वारा की गई भविष्यवाणी के अनुसार, अकाल, भूकंप, तरह-तरह की बीमारियां और महामारी दुनिया के अंत के पहले संकेत होंगे। जोकि साल 2020 में कोरोना वायरस की महामारी इसकी शुरुआत मानी जा सकती है।

भविष्यवाणी के हिसाब से साल 2021 में एक ऐसा अकाल आएगा, जिसका सामना दुनिया ने पहले कभी नहीं किया। इस तबाही से दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा उबर नहीं पाएगा। सन् 2021 में सूर्य की तबाही धरती के क्षतिग्रस्त होने का कारण बनेगी। वहीं जलवायु परिवर्तन से युद्ध और टकराव की स्थिति पैदा होगी। सामने आई रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में झगड़े शुरू होंगे और लोग पलायन करेंगे। 
आपको निचे दी गयी ये खबरें भी बहुत ही पसंद आएँगी।

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