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गरुड़ पुराण के अनुसार मृत्यु से पहले ही यमराज देने लगता है ये संकेत


जन्म और मृत्यु भगवान के द्वारा इंसान को दी गयी दो अनमोल चीजे है।आदि और अनंतकाल से यह सत्य भी है की जिसने जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित होती हैकिसी की कम उम्र में तो कोई वृदावस्था में लेकिन इंसान की मौत निश्चित होती है। हममे से हर कोई जानता है कि मौत निश्‍चित है पर फिर भी हर कोई मरने से डरता है। मरने से पहले अक्‍सर ये लगता है कि काश पहले से पता होता कि मृत्‍यु कब होनी है तो कुछ अधूरे काम पूरे कर लेते।


ऐसा मनुष्‍य का सोचना है लेकिन क्या आप यह जानते है कि ईश्‍वर मृत्‍यु से पहले संकेत देना शुरू कर देते हैं। तो आइये जानते है इन संदेशो के बारे में......

यमराज ने बताया कि उसके बाल सफ़ेद होना था पहला संकेत, दांत टूटना था दूसरा संकेत, आंखों की रौशनी कम होना तीसरा संकेत था और अंगों का शिथिल हो जाना चौथा संकेत था। चारों संदेशों को प्राप्‍त करके भी जो व्‍यक्‍ति समझ नहीं पाया और उसने अपने अधूरे काम और मोक्ष प्राप्‍ति का प्रयास नहीं किया उसके लिए वो क्‍या कर सकते हैं।


तो वृद्धावस्‍था में पहुंच कर प्राण निकलने तक इंसान को सदैव ये चार संकेत मिलते हैं, और उसे उनको पहचान कर अपने दायित्‍व और कृतव्‍य पूरे करने चाहिए।

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