Skip to main content

Business Idea : केवल 7 हजार में रेलवे के साथ शुरू करें ये बिजनेस, हर महीने होगी 80 हजार रुपये की मोटी कमाई.

(IRCTC Business Idea ) बिजनेस करने का मन में ठान ही लिया है तो आप बिलकुल सही जगह है। आज जो हम बिजनेस बताने वाले है उसमें आपको पूरा साल बंपर कमाई होने वाली है। अधिकतर लोग नौकरी की बजाय बिजनेस को अहमियत देते है।

हर कोई आज के जमाने में कोई न कोई कमाई का जरिया तो ढूंढ़ता ही है और कितना बढि़या हो अगर घर बैठे ही हजारों रुपये कमाने का मौका मिले। अगर आप भी ऐसे ही किसी मौके की तलाश में हैं तो हम आपको लिए बेस्ट जानकारी लेकर आए है क्योंकि रेलवे की कंपनी आईआरसीटीसी (IRCTC news) के साथ जुड़कर अपना ये बिजनेस का सपना पूरा कर सकते हैं।

आजकल वेसे भी कोई ऐसा व्यक्ति नही होगा जो कि रेलवे की नौकरी न करना चाहता हो। लेकिन आप ये भी जानते है कि यह मौका सभी को मिल नहीं पाता। लेकिन, आप बिना रेलवे की नौकरी किए भी उसके साथ जुड़कर हर महीने हजारों रुपये की कमाई कर सकते (business with railway) हैं। इसके लिए आपको न तो कोई परीक्षा पास करनी होगी और न ही आपको इसमें कोई निवेश करना पड़ेगा। आप बस आईआरसीटीसी (IRCTC agent benefits) का एजेंट बनकर हर महीने वो भी घर बैठे बिठाए 80 हजार रुपये तक कमाई कर सकते हैं। इसके लिए आपको बस इंटरनेट कनेक्‍शन और एक कंप्‍यूटर के जरिये टिकट बुकिंग करनी होगी। हर टिकट पर आपको रेलवे बड़ा मार्जिन देता (business with railways) है। इससे आपको बंपनर मुनाफा मिलने वाला है।

जान लें क्या है ये बिजनेस?

बता दें कि भारतीय रेलवे (Indian Railways news) की सहयोगी कंपनी IRCTC को रेलवे टिकट बनाने के लिए एजेंट बनना होता है, यानी कि इस बिजनेस में आपकी पॉजिशन एक रेल ट्रैवल सर्विस एजेंट (Rail Travel Service Agent) की होगी। ऐसे में आपको कही जाने की जरूरत भी नहीं है। इसके लिए आपको बस ये करना होगा कि आप टिकट एजेंट बन जाए। जिस तरह रेलवे काउंटरों पर क्लर्क टिकट काटते हैं, उसी तरह आपको भी यात्रियों को टिकट काट कर देना होगा। इसमें टिकट काटने पर एजेंट को कमीशन मिलता है। इसके जरिए एजेंट ई-टिकट बुक (e-ticket booking) कर सकते हैं।

कमीशन से होगी मोटी कमाई

रेलवे के साथ ये बिजनेस करके आप कमीशन के जरिए धड़ाधड़ कमाई कर सकते है। क्योंकि आपके काम के अनुसार एक एजेंट को एक नॉन एसी कोच का टिकट बुक करने पर 20 रुपये प्रति टिकट और एसी क्लास का टिकट बुक (book ac class ticket) करने पर 40 रुपये प्रति टिकट का कमीशन मिलता है। इसके अलावा टिकट की कीमत का एक फीसदी भी एजेंट को ही दिया जाता है। इसके अलावा, IRCTC का एजेंट बनने का एक और सबसे बड़ा फायदा ये है कि इसमें टिकट बुक करने की कोई लिमिट नहीं है। महीने में आप चाहे जितनी मर्जी उतनी टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा 15 मिनट में तत्काल टिकट बुक करने का भी विकल्प मिलता है। एक एजेंट के तौर पर आप ट्रेन के अलावा घरेलू और अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकट (international air tickets booking) भी बुक कर सकते हैं।

80 हजार रुपये तक की होगी बचत

रेलवे के इस बिजनेस में आपके द्वारा बुक की गई टिकट (Rail Travel Service Agent benefits) के हिसाब से ही आपकी कमाई होती है। इसलिए एक महीने में आप जितने टिकट बुक कर सकते हैं, उसकी कोई सीमा नहीं है। इसमें अगर फायदे की बात करें तो अगर महीने में अच्छी बुकिंग मिल जाए तो एक एजेंट प्रति माह 80,000 रुपये तक की रेगुलर इनकम हासिल कर सकता है। अगर काम कम हुआ या मंदा रहा तब भी औसतन 40-50 हजार रुपये की कमाई तो की ही जा सकती (Rail Travel Service Agent income) है।

रेलवे का एजेंट बनने के लिए लगेगी इतनी फीस

अगर आप एक साल के लिए एजेंट बनना चाहते हैं तो IRCTC को 3,999 रुपये की फीस भरनी (IRCTC agent fees) होगी, जबकि दो साल के लिए यह चार्ज 6,999 रुपये है। वहीं, एक एजेंट के तौर पर एक महीने में 100 टिकट बुक करने पर प्रति टिकट 10 रुपये की फीस देनी होगी।

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...