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कहीं है ‘साली स्टेशन’ तो कहीं ‘बाप और बीवी स्टेशन’, ये हैं 12 भारत के सबसे फनी रेलवे स्टेशन.

बीते कुछ सालों में भारतीय रेलवे ने तेजी से तरक्की की है। देश की रेलवे लाइन हर रोज लाखों लोगों को यहां से वहां ले जाती है। इसी बीच सफर के दौरान आपने देखे होंगे कि कई स्टेशन पर टंगे हुए बोर्ड के नाम दिखाई देते हैं। इनमें से कुछ नाम इतने अजीबो गरीब होते हैं कि जिन्हें पढ़कर राहगीरों की हंसी छूट पड़ती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसे ही अनोखे रेलवे स्टेशन के नाम के बारे में जिन्हें सुनने के बाद आप ठहाके मारकर हंसने लगेंगे।

बीवी नगर

बीवी नगर नाम का यह रेलवे स्टेशन तेलंगाना के भवानीगढ़ जिले में आता है। इस नाम को पढ़ते ही लोगों को जरूर अपनी बीवी की याद आने लगती होंगी और साथ-साथ हंसी भी छूट जाती है।

साली रेलवे स्टेशन

अब बीवी के बाद साली का नाम तो आना बनता ही है। दरअसल, राजस्थान की राजधानी जयपुर डिविजन के अंतर्गत एक ऐसा भी स्टेशन आता है जिसका नाम साली रेलवे स्टेशन है। अपने नाम की वजह से यह रेलवे स्टेशन काफी मशहूर है।

बाप रेलवे स्टेशन

राजस्थान के जोधपुर के पास बाप रेलवे स्टेशन पड़ता है। यह रेलवे स्टेशन भारतीय रेल के उत्तर पश्चिमी रेलवे जोन के अंतर्गत आता है जो अपने नाम के लिए काफी चर्चा में है।

सूअर रेलवे स्टेशन

जानवरों के नाम पर भी रेलवे स्टेशन के नाम रखे गए हैं। जी हां..यह सूअर स्टेशन है जो उत्तर प्रदेश के रामपुर जिले का है।

बिल्ली स्टेशन

सूअर स्टेशन के बाद अब पेश है बिल्ली स्टेशन। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले में धनबाद डिवीजन के अंतर्गत बिल्ली स्टेशन आता है।

दीवाना जंक्शन

दीवाना रेलवे स्टेशन हरियाणा के पानीपत में स्थित है। वैसे तो यह बहुत छोटा सा स्टेशन है लेकिन अपने नाम के कारण इसने चारों और दीवानगी बढ़ा रखी है और यह काफी चर्चा में रहता है।

दारू स्टेशन

दारु पीने वाले लोगों के लिए यह नाम काफी अच्छा हो सकता है। हालांकि इस स्टेशन का दारू या शराब से कोई लेना देना नहीं है लेकिन झारखंड हजारीबाग जिले में यह दारू नाम का स्टेशन काफी सुर्खियों में है।

सहेली रेलवे स्टेशन

बीवी, साली के बाद अब सहेली रेलवे स्टेशन भी काफी मशहूर है। मध्यप्रदेश में होशंगाबाद जिले के अंतर्गत नागपुर रेल डिवीजन में सहेली रेलवे स्टेशन आता है।

नाना रेलवे स्टेशन

नाना रेलवे स्टेशन के चलते आपको आपके नाना की जरूर याद आएगी। ये स्टेशन राजस्थान के सिरोही पिंडवाड़ा नाम की जगह पर है। इस रेलवे स्टेशन पर कई ट्रेनें रूकती है। यह रेलवे स्टेशन उदयपुर के सबसे करीबी माना जाता है।

काला बकरा स्टेशन

यह स्टेशन जालंधर के गांव में है और यह अपने नाम के लिए काफी चर्चा में रहता है। इतना ही नहीं बल्कि इस गांव के भारतीय सैनिक गुरबचन सिंह भी काफी प्रसिद्ध है। उन्हें अंग्रेजों द्वारा सम्मानित किया गया था।

पथरी रेलवे स्टेशन

महाराष्ट्र के प्रभाणी जिले का एक छोटा सा शहर है जहां पथरी स्टेशन स्थित है। बता दें, अमृतसर से देहरादून के लिए चलने वाली पैसेंजर ट्रेन और एक्सप्रेस ट्रेन इस स्टेशन पर रूकती है।

भैंसा रेलवे स्टेशन

सूअर, बिल्ली के बाद अब हाजिर है भैंसा रेलवे स्टेशन। बता दें, भैंसा स्टेशन तेलंगाना के निर्मल जिले में स्थित है।

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