Skip to main content

अयोध्या के दीपोत्सव के नाम दो-दो विश्व रेकॉर्ड, तोड़ा अपना ही कीर्तिमान

Two world records were made simultaneously, Ramnagari lit up with more than 25 lakh diyas
Two world records were made simultaneously, Ramnagari lit up with more than 25 lakh diyas

अयोध्याः उत्तर प्रदेश की अयोध्या में बुधवार को भव्य दीपोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान 25 लाख 12 हजार 585 दीप जलाकर नया रेकॉर्ड कायम किया गया। इसके अलावा 1121 लोगों ने एक साथ आरती में हिस्सा लेकर दूसरा रेकॉर्ड भी कायम किया गया। दीपोत्सव के लिए 6 बजकर पांच मिनट पर दीप जलाने का समय निर्धारित किया गया था।

मंच से आदेश होने के बाद स्वयंसेवकों ने निर्धारित 25 मिनट के समयांतराल में 28 लाख दीप प्रज्ज्वलित कर दिए। इसके बाद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स की तरफ से दीयों की गिनती की गई। घाट संख्या 1 से 55 तक जले दीयों की संख्या ड्रोन से 28 लाख से ज्यादा गिनी गई। इसके बाद गिनीज बुक की ओर से योगी आदित्यनाथ को वर्ल्ड रेकॉर्ड का सर्टिफिकेट सौंपा गया।

गिनीज बुक के अधिकारी ने बताया कि हम अयोध्या में आकर खुश हैं। दो विश्व रेकॉर्ड की घोषणा करते हैं। पहला रेकॉर्ड है कि सरयू किनारे सबसे ज्यादा लोगों ने आरती में एक साथ हिस्सा लिया। सरयू के किनारे 1 हजार 121 लोगों ने एक साथ आरती में भाग लिया। दीपोत्सव के नाम 22 लाख से ज्यादा दीये जलाने का मौजूदा रेकॉर्ड है लेकिन इस बार इसे तोड़ते हुए 25 लाख दीये सरयू के किनारे जलाए गए।

दीपोत्सव का आयोजन सरयू के तट पर बीते कई सालों से दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें योगी आदित्यनाथ प्रमुख रूप से उपस्थित रहते हैं। इस बार भी योगी ने न सिर्फ भगवान राम का स्वागत किया बल्कि उनके रथ को भी खींचा। दीप जलने से पहले अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में विरासत और विकास का काम जो शुरू हुआ है, वो यूपी में रुकने नहीं पाएगा। उन्होंने महाकुंभ 2025 के लिए अयोध्या धाम को तैयार रहने को भी कहा।

योगी ने दिया संबोधन बता दें कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को भव्य दीपोत्सव समारोह से पहले अयोध्या पहुंचे। श्री राम, सीता और लक्ष्मण का स्वागत किया। नवनिर्मित राम मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा समारोह के बाद राम नगरी में पहली बार दीपोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। श्री राम के सीता और लक्ष्मण हनुमान और अन्य लोगों के साथ ‘पुष्पक विमान’ (हेलीकॉप्टर) से अयोध्या पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक और केशव प्रसाद मौर्य ने उनका स्वागत किया। भगवान राम के रथ को मुख्यमंत्री और अन्य लोगों ने राम दरबार स्थल तक खींचकर पहुंचाया। आदित्यनाथ ने बाद में उनकी आरती उतारी।

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...