Skip to main content

ये है भारत की सबसे डरावनी जगह, डरपोक व्यक्ति ना जाये इसे देखने...

आज हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने वाले है जो भारत में सबसे ज्यादा खतरनाक है | जिन्हे भारत सरकार ने भी खतरनाक बताया है 

भारत एक खूबसूरत देश है | यह विश्व के उत्तरी-पूर्वी गोलार्द्ध में स्थित है | इसके उत्तरी भाग में विशाल हिमालय पर्वत है जो सैकड़ों वर्षों से हमारी सुरक्षा कर रहा है | जबकि तीनो और से यह जल से घिरा हुआ है | इसलिए इसे प्रायद्विपीय भारत भी कहते है | भारत की संस्कृति और सभ्यता को देखने के लिए दूर-दूर से पर्यटक आते है | लेकिन इस खूबसूरत भारत में कई ऐसी खौफनाक जगह भी है जिनके बारे में शायद आपने नहीं सुना होगा | आइये आज हम उन जगह एवं उनसे जुड़ी कहानियों के बारे आपको बताते है |

यदि आप दिल्ली में स्थित अग्रसेन की बावली में कभी जायेंगे तो आपको ऐसा महसूस होगा जैसे की कोई आपका पीछा कर रहा हो | लेकिन जब आप पीछे मुड़कर देखेंगे तो आपको कुछ भी दिखाई नहीं देगा | इसके बाद टनल नंबर 33, शिमला की सबसे डरावनी  जगह है | यहाँ रहने वाले लोगो का मानना है की इस सुरंग मे अंग्रेज इंजिनियर कर्नल बागोल की आत्मा अभी तक भटक रही है | कई लोगो ने उसे सुरंग के अन्दर देखा भी है |

इसके बाद पुरे विश्व का सबसे डरावना स्थान भानगढ़ ( राजस्थान ) आता है | इसके बारे में हमने पूर्व में प्रकाशित आर्टिकल में भी बताया है | इसके बाद सबसे डरावनी जगहों में पश्चिम बंगाल का एक बहुत ही खुबसूरत हिल-स्टेशन का नाम आता है | इसे डाव हिल कहते है | यहाँ रहने वाले लोगों ने बताया है की यहाँ बिना सर का एक लड़का घूमता है |

दिल्ली में एक मालचा नाम का महल है इसके बारे में कहा जाता है की यहां बेगम विलायत रहा करती थी | लेकिन किसी कारण वश उसने खुदखुशी कर ली है | ऐसा कहा जाता है की आपसी कलह के कारण बेगम का दस किन तक अंतिम संस्कार नहीं किया गया | जबकि 11वें दिन उसे दफनाया गया | आज तक बेगम इसी महल में घूम रही है | इस महल में रात्रि में प्रवेश करना या निवास करना अपनी मौत को दावत देने के समान है |

यदि आपको मौका मिले भारत के पश्चिम में जाने का तो गुजरात में स्थित डुमास बीच को जरूर देख कर आये | यह अरब सागर में स्थित है | यहाँ एक शमशान घाट है | जिसके बारे में स्थानीय लोगों का कहना है की यहां से गुजरने पर रात्रि में काफी आवाजे आती है | लेकिन यहाँ किसी को देखा नहीं गया है |

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...