Skip to main content

रेखा संग इंटीमेट शूट करने से खुश हुए थे शेखर सुमन, बोले – ‘एक्ट्रेस ने मुझे कही भी टच करने से नहीं रोका …




Rekha: टीवी से लेकर बॉलीवुड तक काम करने वाले शेखर सुमन इन दिनों अपनी वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ को लेकर चर्चा में बने हुए हैं। एक्टर 2017 के बाद अब स्क्रीन पर नजर आने वाले हैं। संजय लीला भंसाली का ये ड्रीम प्रोजेक्ट बस कुछ दिनों में रिलीज होने वाला है। फिलहाल फिल्म की स्टार कास्ट प्रमोशंस में बिजी है। शेखर सुमन (Shekhar Suman) भी मीडिया इंटरेक्शन कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने एक इंटरव्यू दिया,जिसमें उन्होंने एवरग्रीन ब्यूटी रेखा (Rekha) के साथ शूट किये गये इंटीमेट सीन का जिक्र किया। बता दें कि रेखा और शेखर सुमन ने फिल्म उत्सव में साथ काम किया था। इस फिल्म से जुड़ा एक किस्सा एक्टर ने शेयर किया है।

10वीं की परीक्षा में केवल 33 नम्बर पाने के लिए लड़की ने किया कुछ ऐसा, हैरान रह गया पूरा विद्यालय

शेखर सुमन ने की Rekha की तारीफ




शेखर सुमन ने रेखा (Rekha) के साथ फिल्म उत्सव में काम किया था। इसी फिल्म से एक्टर ने बॉलीवुड में डेब्यू किया था और अब इसके रिलीज के 40 साल बाद उन्होंने इससे जुड़ा एक कमाल का किस्सा शेयर किया और बताया कि कैसे सालों पहले एक्ट्रेस के घर इनकम टैक्स वालों का छापा पड़ा था, लेकिन वो लगातार सेट पर काम करती रही। रेखा इतनी मजबूत एक्ट्रेस थीं कि उन्होंने काम नहीं छोड़ा। बता दें कि इस फिल्म को गिरीश कनार्ड ने डायरेक्ट किया था। रेखा के अलावा इसमें शेखर सुमन, अमजद खान जैसे कलाकार थे। इस फिल्म के बारे में आपको याद ना हो तो बता दें मन क्यों बहका रे बहका आधी रात को गाना इसी फिल्म का है और खासा मशहूर हुआ था। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी थी।
Rekha के घर पड़ा था इनकम टैक्स का छापा




शेखर सुमन ने याद किया कि कैसे फिल्म का पहला दिन था। शूटिंग शुरू हो चुकी थी। अचानक पता चला कि एक्ट्रेस के घर पर छापा पड़ा है। सभी ने बैग पैक कर लिए, लेकिन रेखा (Rekha) के जैसा कोई प्रोफेशनल एक्टर आजतक नहीं देखा,उनके घर पर इनकम टैक्स की रेड पड़ रही थी। कोई और एक्टर घर चला जाता लेकिन रेखा जी ने कहा ‘उन्हें अपना काम करने दीजिए। मैं सेट पर ही रहूंगी और अपना काम करूंगी।’
Rekha संग इंटीमेट सीन पर कही ये बात


शेखर सुमन ने ये भी बताया कि वो सेट पर नखरे भी नहीं करती थीं। यहां तक कि इंटीमेट सीन को लेकर भी वो प्रोफेशनल थीं। उन्होंने कहा, “दूसरी अभिनेत्रियों की तरह रेखा (Rekha) ने मुझे उन सीन्स में कुछ खास जगहों पर खुद को हाथ लगाने से कभी मना नहीं किया। वो पूरी तरह से प्रोफेशनल थीं। मैं हमेशा उनका आभारी रहूंगा।”

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...