Skip to main content

पोते की चाह में बिग बी ने भी बहू के खिलाफ उठाया बड़ा कदम, ऐश्वर्या राय और अभिषेक में अनबन की वजह दूसरा बच्चा बना



Aishwarya Rai Bachchan : बच्चन परिवार पिछले काफी समय से सुर्खियों में छाया हुआ है। वजह है अभिषेक और ऐश्वर्या के बीच अनबन की खबरें। आए दिन इस कपल को लेकर कोई न कोई बात सामने आ जाती है जो चर्चा का विषय बन जाती है। पिछले काफी समय से खबरें आ रही हैं कि बच्चन परिवार में कुछ ठीक नहीं चल रहा है। कहा जा रहा है कि बहू ऐश्वर्या राय (

Aishwarya Rai Bachchan) की बच्चन फैमिली के साथ अनबन चल रही है। ये भी खबरें आ रही हैं कि ऐश्वर्या जल्द ही अभिषेक से तलाक ले सकती हैं। ऐश्वर्या राय भले ही बच्चन परिवार की बहू हैं लेकिन इस समय वह अपने मायके में रह रही हैं।
2007 में हुई थी अभिषेक और Aishwarya Rai की शादी




बता दें कि साल 2007 में ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai Bachchan) और अभिषेक बच्चन शादी के बंधन में बंधे थे। दोनों की एक प्यारी सी बेटी आराध्या भी है। जो अपनी मां पर ही गई है। जानकारी के अनुसार जब आराध्या का जन्म हुआ था तब ऐश्वर्या राय की उम्र 38 साल थी और इस उम्र में मां बनने पर अक्सर महिलाओं को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। मीडिया रिपोर्ट की मानें तो अभिषेक हमेशा से ही 2 बच्चे चाहते थे। हालांकि कपल ही एक ही बेटी आराध्या बच्चन है।
Aishwarya Rai से अभिषेक बच्चन चाहते थे 2 बच्चे




अभिषेक बच्चन ने कुछ साल पहले एक इंटरव्यू में कहा था कि वह ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai Bachchan) के साथ दो बच्चे पैदा करना चाहते थे। एक्टर ने कहा था कि वो भी दो भाई बहन हैं इसलिए वह चाहते थे कि उनके भी दो बच्चे हों, एक बेटा और एक बेटी। ये आइडिया उन्हें खुद को और बहन श्वेता को देखकर ही आया है। अभिषेक ने इंटरव्यू में कहा था – मैं चाहता था कि मुझे एक बेटी हो जो बिल्कुल अपनी मां ऐश्वर्या राय की तरह दिखने में हो और एक बेटा हो जो कि बिल्कुल मेरी तरह दिखे।
अमिताभ बच्चन की लाडली पोती हैं आराध्या



अभिषेक बच्चन और ऐश्वर्या राय (Aishwarya Rai Bachchan) की शादी को 16 साल हो चुके हैं और उनकी बेटी आराध्या की उम्र 12 साल है। आराध्या बच्चन अक्सर अपनी मां ऐश्वर्या राय के साथ ही नजर आती हैं। वह दिखने में भी अपनी मां की तरह ही हैं। आराध्या पिता अभिषेक बच्चन और मां ऐश्वर्या की इकलौटी बेटी हैं। आराध्या बच्चन अपने दादा अमिताभ बच्चन के भी काफी करीब है।

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...