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तलाक के बाद ढोल बाजे के साथ ससुराल से विदा हुई पत्नी, दरवाजे पर बांध आई शादी वाली चुनरी



उत्तर प्रदेश के कानपुर में तलाक के बाद एक महिला अपने ससुराल से ढोल-बाजे के साथ विदा हुई। 2016 में 8 साल पहले जिस चुनरी में दुल्हन बनकर वह अपने घर से विदा होकर ससुराल आई थी, उसे अब ससुराल के दरवाजे पर बांध आई। महिला का कहना है कि समाज के सामने अपने पति की असलियत लाने के लिए ऐसा किया है। बताया जा रहा है कि पति बेटी होने पर नाराज था और जिस कारण दोनों के बीच तलाक हुआ।

जानें क्या बोली पत्नी
मिली जानकारी के अनुसार, उर्वी नाम की महिला का कहना है कि हर मां-बाप अपनी बेटी की शादी में सब कुछ न्यौछावर कर देता है। लेकिन समाज में जो पढ़े लिखे इंजीनियर बनकर देश में अपना रुतबा बनाए रखते हैं। उनकी सोच भी कितनी निचले स्तर की है। यह दिखाना भी समाज को जरूरी है। ऐसे में मुझे यह साबित करना था कि जिस तरह मैं विदा होकर अपने मायके से ससुराल गई थी। उसी तरह मैं उस बेरहम ससुराल को छोड़कर अपने पिता के घर में के लौट रही हूं।

बेटी होने के बाद बदल गया आशीष
कानपुर के साकेत नगर में रहने वाले अनिल कुमार बीएसएनल में अधिकारी थे। उनकी एक ही बेटी है उर्वी, जिसे उन्होंने खूब पढ़ाया और इंजीनियर बनाया। 2016 में उन्होंने अपनी बेटी की शादी कानपुर के रामादेवी में रहने वाले आशीष के साथ कर दी। धूमधाम के साथ शादी हुई। आशीष दिल्ली में इंजीनियर है। अनिल कुमार का कहना है कि सबकुछ ठीक ठाक चल रहा था। लेकिन उर्वी को बेटी होने के बाद आशीष एकदम बदल गया। बेटी को परेशान करना शुरू कर दिया।

समाज के सामने उसकी असलियत लाना जरूरी था
अनिल ने बताया मैंने बेटी के नाम से दिल्ली में एक फ्लैट कर दिया था। आशीष उसी फ्लैट को अपने नाम पर ट्रांसफर कराने की जिद्द करने लगा। आशीष बेटी के साथ मारपीट करने लगा। इसके बाद दिल्ली में उसके खिलाफ केस दर्ज कराया गया। फिर उसने बेटी को तलाक दे दिया और तय हुआ दोनों लोग एक दूसरे को अपना सामान वापस कर देंगे। समाज के सामने उसकी असलियत लाना जरूरी था और हम अपनी बेटी को बाज-गाजे के साथ घर वापिस ले आए।

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