Skip to main content

Bijali Vibhag Bharti: बिजली विभाग में 8200 क्लर्क के पदों पर भर्ती जाने आवेदन प्रक्रिया


Bijali Vibhag Bharti: अगर आप सरकारी रोजगार की तलाश में जुटे हुए हैं तो यह खबर आपके लिए काफी महत्वपूर्ण होने वाली है| पीजीसीआईएल की तरफ से तमाम अभ्यर्थियों के लिए इस भर्ती का नोटिफिकेशन घोषित कर दिया गया है| अगर आप बिजली विभाग की इन भर्तियो के फॉर्म को भरना चाहते हैं तो इस भर्ती के बारे में पूरी जानकारी नीचे बताई गई है| इस नोटिफिकेशन को लेकर काफी महत्वपूर्ण जानकारी बताई गई है| यह खबर समस्त अभ्यर्थियों के लिए काफी महत्वपूर्ण है| बिजली विभाग की यह भर्ती समस्त अभ्यर्थियों के लिए काफी अहम साबित होने जा रही है|


बिजली विभाग भर्ती को लेकर बड़ी जानकारी ( Bijali Vibhag Bharti Latest News )

बिजली विभाग भर्ती के बारे में बात कर लिया जाए तो भर्ती का नाम है पीजीसीआईएल रिक्रूटमेंट 2023 जहां पर कुल पदों की संख्या 203 है| बाकी अन्य बच्चे 8000 से ज्यादा पदों पर भर्तियो को नोटिफिकेशन जल्द देखने को मिलेगा| पदों के नाम की बात कर लिया जाए तो जूनियर टेक्नीशियन, ट्रेनिंग और विभिन्न प्रकार के पदों पर यह भर्तियो का नोटिफिकेशन जारी किया जाने वाला है| महत्वपूर्ण तिथियां के बारे में बात कर लिया जाए तो 12 नवंबर से भर्ती के ऑनलाइन आवेदन शुरू हो चुके हैं और 12 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन चलेंगे| आप 12 दिसंबर के पहले इन भर्तियो के फॉर्म को जरूर अप्लाई कर दें| समस्त अभ्यर्थी powergrid.in की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से आवेदन दे सकते हैं|
बिजली विभाग भर्ती के लिए उम्र सीमा व शैक्षणिक योग्यता ( Bijali Vibhag Bharti Age Limit And Education Qualification )

बिजली विभाग भर्ती के लिए उम्र सीमा के बारे में बात कर लिया जाए तो अभ्यर्थियों की उम्र 18 वर्ष कम से कम होनी चाहिए| अधिकतम उम्र 27 वर्ष होनी चाहिए| शैक्षणिक योग्यता के बारे में बात कर लिया जाए तो अभ्यर्थी अगर स्नातक है किसी भी यूनिवर्सिटी से तो वह सभी अभ्यर्थी बिजली विभाग की भर्तियों के फॉर्म को आसानी से अप्लाई कर सकते हैं| बिजली विभाग भर्ती को लेकर बहुत बड़ी खुशखबरी है| बिजली विभाग भर्ती के नोटिफिकेशन को घोषित कर दिया गया है| समस्त अभ्यर्थी भर्तियो के फॉर्म को अप्लाई कर सकते हैं|

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...