Skip to main content

अपने कमरे में लगा लो ये 7 पौधे, बीमारियां रहेगी कोसो दूर।


Indoor Tree Plant : इनडोर प्लांट न सिर्फ घर की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि ये हवा को शुद्ध करके लोगों को कई बीमारियों से बचा सकते हैं। आज के समय में लोगों के घर छोटे होते हैं, जहां रोशनी भी आसानी से नहीं पहुंचती। लेकिन कुछ इंडोर प्लांमट ऐसे भी हैं जिन्हें ज्यादा रोशनी की जरूरत नहीं पड़ती। ऐसे प्लांट को आप अपने कमरे में आसानी से लगा सकते हैं। घर में इंडोर प्लांट के होने से थकान भी कम होती है और स्ट्रेस भी कम होता है। ये हवा से जहरीले तत्वों को फिल्टर कर देते हैं।

Indoor Tree Plant

स्टडी से पता चलता है कि इनडोर प्लांट लगाने से कमरे की सकारात्मक उर्जा 47 फीसदी तक बढ़ सकती है। इसके अलावा, उन्हें मेमोरी रिटेंशन में 20 फीसदी की बढ़ोतरी प्रदान करते हुए दिखाया गया है। तो आप हम आपको ऐसे पौधों के बारे बताने वाले हैं जिन्हें आप अपने स्टडी रुम में भी लगा सकते हैं।
पीस लिली

पीस लिली प्लांंट ट्राइकलोरेथिलीन और बेंजीन से हवा को मुक्त करता है। जिन लोगों को अस्थमा है, जिन्हें सांस की तकलीफ है उन्हें खासतौर पर ये पौधा अपने बेडरूम या स्टडी रुम में लगाना चाहिए। ये पौधा कम रोशनी में भी आसानी से पनप जाता है। आप कैमिकल युक्त एयर फ्रेशनर का इस्तेेमाल करने के बजाय इस पौधे का इस्तेमाल अपने रुम में कर सकते हैं। इसकी खुशबू से ही आपका दिमाग फ्रेश रहेगा।


वीपिंग फिग
वीपिंग फिग प्लांट पर सुंदर सफेद रंग के फूल लगते हैं। ये पौधा लंबे समय तक चलता है। इसके साथ ही अगर आपके कमरे में धूल के कण हैं

, तो उन धूल के कणों को ये पौधा हवा से बाहर निकालने में मदद करता है। धूल से बहुत लोगों को एलर्जी होती है और ऐसे में ये बहुत काम का पौधा है। ये धूल के कण एब्जॉर्ब कर लेता है और हवा को साफ बनाता है। इस प्लांट की पत्तियां झड़ती हैं, इसलिए इस पौधे को ज्यादा हिलाना नहीं चाहिए।

बैम्बू पाम
अगर आपके घर में धूप नहीं रहती या आप फ्लैट में रहते हैं। जहां पर धूप नहीं आती तो आप बैम्बू पाम के पौधे को घर में लगा सकते हैं। हवा में ट्राइकलोरेथिलीन और बेंजीन जैसे हानिकारक तत्वे पाए जाते हैं। जिन्हें फिल्टर करने के लिए ये पौधा काम आता है। फर्नीचर से निकलने वाले हानिकारक तत्वोंं साफ करना बेहद जरूरी होता है। इसलिए आप इस पौधे को बेडरूम में मौजूद फर्नीचर के आसपास रख सकते हैं।

ग्रीन स्पाइडर प्लांट
ग्रीन स्पाइडर प्लांट भी एक इंडोर प्लांट है। जिससे हवा शुद्ध होती है। इसे गर्मी के मौसम में आप अपने रूम में रख सकते हैं। क्योंकि इस पौधे को ज्यादा पानी की जरूरत नहीं होती। इसको ग्रीन स्पासडर इसलिए बोला जाता है, क्योंसकि इसके पत्तों का आकार मकड़ी के जाल की तरह होता है।

वार्नक ड्रैकेना
अगर आप इस प्लांट को आप अपने रूम में रखेंगे तो ये प्रदषित हवा से आपकी रक्षा करेगा। आप किसी ऐसे इलाके में रहते हैं जहां गाड़ियों का प्रदूषण बहुत ज्याकदा है, तो आपको ये प्लांट घर में जरूर लगाना चाहिए। इस पौधे को धूप की जरूरत नहीं होती है। इसलिए इसे बेस्टट इंडोर प्लांट माना जाता है।

ऑर्किड प्लांट
ऑर्किड प्लांट अपने सुंदर फूलों से रूम को खास तो बनाता ही है, साथ ही इसे रूम में रखने से ये हवा को भी साफ करता है। हवा में मौजूद जाइलिन और टोल्‍यून नाम के दो कंपाउंड पाए जाते हैं, जो सेहत के लिए अच्छेब नहीं माने जाते। अगर आप ऑर्किड का पौधा कमरे में रखें तो ये हवा से इन दोनों कंपाउंड को फिल्टर कर देगा और जिसके कारण आप साफ हवा में सांस ले पाएंगे।

स्नेक प्लांट
स्नेक प्लांट आपके घर में हवा को शुद्ध करने में मदद करता है। अगर आप बाहर जाते रहते हैं, और ऐसे में आपको पौधों की चिंता होती है। तो इस पौधे के साथ आपको ये चिंता नहीं सताएगी। क्योंंकि स्नेतक प्लांट को ज्याेदा देखभाल की जरूरत बिल्कुल नहीं होती। ये कई दिनों तक बिना पानी के हरा भरा रह सकता।

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...