Skip to main content

Sonam Bajwa ने देसी लिबास छोड़ बैकलेस गाउन पहन दिखाया कर्वी फिगर, खूबसूरती से Rashmika को छोड़ा पीछे!

Sonam Bajwa Photos: पंजाबी फिल्मों की जानी मानी अदाकारा सोनम बाजवा (Sonam Bajwa) अपनी फिल्मों से ज्यादा अपनी हॉटनेस और बोल्डनेस के लिए जानी – जाती हैं। एक्ट्रेस अपने हुस्न से लोगों के होश आये दिन उड़ाती रहती हैं। सोनम बाजवा सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव रहती हैं। एक्ट्रेस के इंस्टाग्राम पर आपको एक से बढ़कर एक फोटोज देखने को मिल जाएगी। एक्ट्रेस की एक झलक देखने के लिए उनके चाहने वाले बेताब रहते हैं। अब इसी बीच सोनम बाजवा ने एक बार फिर से फैंस के दिलों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। हाल ही में सोनम (Sonam Bajwa Bold Pics) ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिसमें एक्ट्रेस का बैकलेस लुक देखने को मिल रहा है।

सोनम इन तस्वीरों में बेहद ही ज्यादा खूबसूरत और हॉट नजर आ रही हैं। सोनम बाजवा की यह तस्वीरें इंटरनेट पर आग की तरह फैल रही है।

इन तस्वीरों में सोनम बाजवा का सिजलिंग लुक देखने को मिल रहा है। इन तस्वीरों में सोनम बाजवा ब्लू कलर का बैकलेस आउटफिट पहनें हुए नजर आ रही हैं। इन तस्वीरों में सोनम बाजवा बीच पर खड़ी होकर एक से बढ़कर एक पोज देती हुईं नजर आ रही हैं। एक्ट्रेस का किलर लुक उनके फैंस को मदहोश कर रहा है।

अपने लुक्स को पूरा करने के लिए सोनम बाजवा ने अपने बालों को खुला छोड़ा हुआ है। इन तस्वीरों में सोनम अपनी अदाओं से कहर ढा रही हैं। इन तस्वीरों में एक्ट्रेस सोनम बाजवा अपनी बेैक फ्लॉन्ट करती हुईं दिख रही हैं। इन तस्वीरों में सोनम बाजवा हद से ज्यादा बोल्ड नजर आ रही हैं। सोनम बीच किनारे बेबाक अंदज में हॉट फोटोशूट करवाती हुईं नजर आ रही हैं। उन्होंने मिनिमल मेकअप से अपना लुक कंप्लीट किया है। इन फोटोज में सोनम बाजवा के लुक्स पर फैंस की निगाहें टिक गई हैं।

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...