Skip to main content

IND vs PAK Weather: भारत-पाकिस्तान मुकाबले पर मंडराए बारिश के काले बादल, 2 सितंबर को ऐसा रहेगा मौसम का हाल

 


एशिया कप 2023 का क्रिकेट फैंस को बेसब्री से इंतजार है क्योंकि इस टूर्नामेंट में भारत और पाकिस्तान की टीमें भी आपस में भिड़ती नजर आएंगी। 30 अगस्त से यह टूर्नामेंट शुरू होगा जिसके बाद 2 सितंबर को श्रीलंका के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में भारत और पाकिस्तान की टीमें एक दूसरे का सामना करेंगी। लेकिन इस महामुकाबले से पहले एक बुरी खबर सामने आ रही है। दरअसल, वेदर रिपोर्ट्स के अनुसार ऐसा माना जा रहा है कि 2 सितंबर को कैंडी में बारिश हो सकती है जिस वजह से भारत-पाकिस्तान का मुकाबला भी प्रभावित हो सकता है।

वेदर डॉट कॉम के मुताबिक, 2 सितंबर को कैंडी में तूफान के साथ बारिश की 80% संभावना है। ऐसे में इस बात की पूरी उम्मीद है कि भारत-पाकिस्तान के बीच इस रोमांचक मुकाबले में बारिश बड़ा खलल डाल सकती है। मैच रद्द होने की भी संभावना बनी हुई है और अगर ऐसा नहीं होता है तो मुकाबले के दौरान खेल रुकने या देरी से शुरू होने की भी संभावनाएं हैं।

कैंडी के मौसम का हाल फैंस के लिए बुरी खबर है क्योंकि भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट के मैदान पर होने वाले मुकाबले का इंतजार सिर्फ इन दोनों देशों को ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के क्रिकेट फैंस को रहता है। यह दोनों ही टीमें आपस में द्विपक्षीय सीरीज नहीं खेलती, यही वजह है कि आईसीसी और एसीसी के टूर्नामेंट्स के दौरान इनके बीच होने वाले मुकाबले चर्चाओं का केंद्र बन जाते हैं। ऐसे में फैंस यही उम्मीद करेंगे कि 2 सितंबर को कैंडी में काले नहीं बल्कि सफेल बादल छाए रहे हैं और सभी को पूरा मैच देखने को मिले।

भारतीय टीम- रोहित शर्मा (कप्तान), शुभमन गिल, विराट कोहली, श्रेयस अय्यर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, केएल राहुल, इशान किशन, हार्दिक पंड्या (उपकप्तान), रविंद्र जडेजा, शार्दुल ठाकुर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मो. सिराज, प्रसीद कृष्णा

पाकिस्तान टीम: अब्दुल्ला शफीक, फखर जमान, इमाम-उल-हक, बाबर आजम (कप्तान), सलमान अली आगा, इफ्तिखार अहमद, तैय्यब ताहिर, सऊद शकील, मोहम्मद रिजवान, मोहम्मद हारिस, शादाब खान, मोहम्मद नवाज, उसामा मीर, फहीम अशरफ, हारिस रऊफ, मोहम्मद वसीम, नसीम शाह और शाहीन अफरीदी

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...