Skip to main content

श्रद्धा मर्डर केस बन गई पहेली… अब तक न कत्ल का हथियार मिला, न मोबाइल, न सिर

Shradha Murder Case: श्रद्धा हत्याकांड के आरोपी आफताब को उत्तराखंड और हिमाचल भी ले जाने की तैयारी है.
Delhi News: श्रद्धा मर्डर केस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है. पुलिस बार-बार महरौली के जंगलों में कत्ल के सबूत खंगालने जा रही है. श्रद्धा के पिता का डीएनए सैंपल लिया जा चुका है, मगर बावजूद इसके अभी तक पुलिस के हाथ खाली हैं. पुलिस अबतक न तो श्रद्धा का मोबाइल तलाश सकी है, न उसका सिर और न ही कत्ल में इस्तेमाल हथियार को ढूंढ पाई है.

पुलिस की परेशानी पर इसलिए बल पड़ा है, क्योंकि आरोपी आफताब पुलिस को कुछ भी नहीं बता रहा. कुछ बता भी रहा है तो सिर्फ गुमराह करने वाली बातें. ऐसे में पुलिस के सामने यही जंगल बचा है जहां से कुछ ऐसा पुख्ता सबूत मिले जो इस केस में पुलिस का पक्ष मजबूत कर सके.

जंगल में बढ़ गई पुलिस की हलचल

16 नंवबर को पुलिस फिर जंगलों में पहुंची, लेकिन मीडिया को जाने की इजाजत नहीं थी. जंगलों की एंट्री प्वाइंट पर पुलिस के जवान खड़े कर दिए गए थे. लेकिन अब एक बार फिर से जंगल में हलचल बढ़ गई है. सबूतों के लिए पुलिस कई बार आरोपी आफताब के घर का चक्कर लगा चुकी है. पुलिस के लिए थोड़ी राहत की बात यह थी कि उस घर में एक जगह पर खून के धब्बे मिले हैं. बहुत संभव है कि ये खून श्रद्धा का हो.

कूड़े वाली गाड़ी में डाल दिए थे खून लगे कपड़े

पुलिस को यह भी मालूम चला है कि आफताब ने खून से सने अपने कपड़े एक कूड़े वाली गाड़ी में डाल दिए थे. पुलिस उस गाड़ी और आफताब के कपड़ों की भी तलाश कर रही है. अगर ये कपड़े मिले तो पुलिस के हाथ एक बड़ा सुराग लग सकता है.

13 हड्डियां बरामद

उधर, बताया जा रहा है कि आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने महरौली के जंगलों से 13 हड्डियां बरामद कर ली हैं. इन हड्डियों की पहचान करने के लिए डीएनए टेस्ट कराया जाएगा और इसके चलते श्रद्धा के पिता का सैंपल लिया जा चुका है.

पुलिस ने सबूत जुटाए

बहरहाल, पुलिस इस कत्ल की सारी कड़ियां जोड़ने की कोशिश में है. मगर यह भी सच है कि पुलिस ने तो अभी तक हत्या में इस्तेमाल हथियार खोज पाई है और न ही आरोपी के खून से सने कपड़े. अब इंतजार उस लम्हे का है, जब दिल्ली पुलिस बताए कि आफताब के खिलाफ पुलिस ने सबूत जुटा लिए हैं.

चेहरे को जलाने की कोशिश

आफताब के गुनाह से जैसे-जैसे पर्दा उठ रहा है, वैसे-वैसे उसकी क्रूरता के किस्से भी उजागर होते जा रहे हैं. नई जानकारी के मुताबिक, आफताब ने पहले गला दबाकर श्रद्धा की हत्या की और फिर श्रद्धा के शरीर को टुकड़ों में उसने काटा. करीब 10 घंटे तक श्रद्धा के शरीर पर उसने इलेक्ट्रिक आरी चलाई. श्रद्धा का चेहरा पहचान में न आए, इसलिए उसने चेहरे को जलाने की कोशिश भी की.

बीयर पी और जोमैटो से खाना मंगाया

आफताब एक मंझे हुए क्रिमिनल की तरह व्यवहार कर रहा था. बताया जा रहा है कि श्रद्धा के शव को काटते काटते आफताब थक गया था और अपनी थकान मिटाने के लिए उसने बीयर पी और जोमैटो से ऑर्डर कर खाना मंगाया और फिर नेटफ्लिक्स पर मूवी देखी और सो गया.

एसिड से साफ किया खून

श्रद्धा के शरीर को काटने पर पूरा फ्लैट खून-खून था. जिसे साफ करने के लिए आफताब बाजार से सल्फर हाइपोक्लोरिक एसिड खरीद कर लाया. इससे उसने फर्श को धोया ताकि फॉरेंसिक जांच के दौरान DNA सैंपल न मिले. इसके बाद भी उसे शक था कि उसका गुनाह पकड़ा जा सकता है. लिहाजा खून के धब्बे साफ करने के लिए आफताब ने वैक्यूम क्लीनर मंगाया.

पानी के बिल की जांच

एक बात और दिल्ली स्थित छतरपुर के पहाड़ी इलाके में ज्यादातर लोग एक बिल्डिंग में फ्लोर पर रेंट पर रहते हैं. दिल्ली में 20 हजार लीटर तक पानी का बिल दिल्ली सरकार की तरफ से फ्री है. आफताब के फ्लैट के ऊपर रहने वाले दो पड़ोसियों ने पुलिस को ये जानकारी दी थी कि सभी फ्लोर का पानी का बिल जीरो आता है, लेकिन मकान मालिक से पता लगा कि आफताब के फ्लैट का 300 रुपए का पानी का बिल बकाया है. मतलब यह कि क्या आफताब ने खून को साफ करने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी का इस्तेमाल किया, जिसकी वजह से यह बिल आया. पानी का बिल भी पुलिस की जांच का एक अहम हिस्सा है.

दो लोगों का मंगाता था खाना

आफताब पूरी चालाकी से काम कर रहा था. वह लोगों की नजर में आए बिना सबूत मिटाने की कोशिश में था, इसीलिए शातिर आफताब खाने के सामान भी बाहर से मंगाता था और एक नहीं दो लोगों का सामान मंगाता था ताकि किसी को शक भी न हो.

भरोसे का भी कर दिया था कत्ल

यही नहीं, लिव इन बॉयफ्रेंड आफताब अमीन ने अपनी गर्लफ्रेंड श्रद्धा से पहले उसने श्रद्धा के भरोसे का भी कत्ल किया था. आफताब एक तरफ श्रद्धा के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में था तो दूसरी तरफ उसकी अय्याशी भी जारी थी. आरोपी की रंगीनमिजाजी में उसकी कई महिला मित्र शामिल थीं, जिसके बारे में दिल्ली पुलिस को काफी इनपुट मिले हैं. ज्यादातार महिला मित्रों को आफताब ने डेटिंग ऐप के जरिए अपने जाल में फंसाया था. श्रद्धा को उसकी धोखेबाजी की भनक न लग पाए. इसके लिए वह सिम बदलता रहता था.

Olx पर बेच दिया था मोबाइल

आफताब के मोबाइल से कई मोबाइल नंबर मिले हैं. साथ ही कई सारे डेटिंग ऐप्स भी पाए गए, जिसके जरिए वह अपनी महिला मित्रों से बातचीत करता था. पुलिस अब आफताब के हर नंबर की तलाश कर रही है. आफताब ने एक फोन OLx पर बेचा था. पुलिस इसकी भी खोज कर रही है. जरूरत पड़ी तो और लोगों से भी पूछताछ की जाएगी.

जानिए क्या है पूरा मामला

बता दें कि मुंबई का रहने वाले पेशे से शैफ और फोटोग्राफर आफताब आमीन पूनावाला (28) ने दिल्ली में अपनी ‘लिव-इन पार्टनर’ श्रद्धा वाल्कर (27) की बीती 18 मई को कथित तौर पर गला घोंट कर हत्या कर दी थी. इसके बाद उसने शव के 35 टुकड़े कर दिए, जिन्हें उसने दक्षिण दिल्ली के मेहरौली इलाके स्थित अपने किराए के घर में करीब तीन सप्ताह तक एक 300 लीटर के फ्रिज में स्टोर कर रखा था और फिर उन टुकड़ों को कई दिनों तक बाहर जाकर फेंकता रहा.

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...