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बिहार में आंधी-बारिश से 31 की मौत, रेलवे ट्रैक पर पेड़ गिड़ने से कई घंटें तक ट्रेन सेवा बाधित

● भागलपुर में 6, लखीसराय में 3 तो पूर्णिया व खगड़िया में एक-एक की गई जान ● मुंगेर में दो तो बांका, जमुई, कटिहार और किशनगंज में एक-एक की व्यक्ति मौत ● मुजफ्फरपुर जिले में छह तो दरभंगा और समस्तीपुर में एक-एक व्यक्ति ने तोड़ा दम ● वैशाली में दो, जहानाबाद, सारण, नालंदा और बेगूसराय जिले में एक-एक की मौत ● भागलपुर-जमालपुर रेलखंड पर पेड़ गिरा, एक घंटे तक ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा ● समस्तीपुर-खगड़िया रूट के ओलापुर स्टेशन के पास ओएचई तार टूटा, राजधानी समेत कई ट्रेनें फंसी रहीं ● नालंदा जिले में दो मंजिला मकान भरभराकर गिरा तो शेखपुरा-चेवाड़ा मार्ग पर यातायात काफी देर प्रभावित ● गोपालगंज समेत कई जिलों में बिजली आपूर्ति चरमराई, ग्रामीण इलाके ज्यादा प्रभावित

बिहार में गुरुवार को कालवैशाखी का कहर दिखा। 60 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से चली आंधी व बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। खासकर उत्तर बिहार, पूर्व बिहार व कोसी-सीमांचल में ज्यादा असर दिखा। इन इलाकों में आंधी-बारिश और ठनका गिरने से 31 लोगों की जान चली गई। भागलपुर में छह, लखीसराय में तीन, मुंगेर में दो तथा बांका, जमुई, कटिहार, खगड़िया, किशनगंज व पूर्णिया में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई। मुजफ्फरपुर में छह तो दरभंगा और समस्तीपुर में एक-एक व्यक्ति की जान चली गई। वहीं, वैशाली में दो तो जहानाबाद, सारण, नालंदा, बेगूसराय में एक-एक व्यक्ति ने जान गंवा दी।

इस दौरान पेड़ गिरने से कई जगह रेल और सड़क यातायात तो बाधित हुआ ही, बिजली आपूर्ति भी चरमरा गई। उधर, पटना एयरपोर्ट पर मौसम के बिगड़े रूप को देखते हुए 20 मिनट तक विमानों की आवाजाही रोक दी गई। वहीं, तेज आंधी के कारण आम और लीची की फसल को नुकसान हुआ है। साथ ही पेड़ गिरने से भागलपुर-जमालपुर रेलखंड, किऊल-जमुई रेलखंड और खगड़िया-हसनपुर समस्तीपुर रेल रूट पर रेल यातायात बाधित रहा।

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