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ईंट भट्टा खोलने के लिए जारी किए गए है गाइडलाइन्स,गंगा किनारे व राज्यमार्ग में खोल सकते है भट्टा, जानिए गाइडलाइन्स के बारे में विस्तार से..



बिहार के कई अन्य शहरों के अलावा पटना में भी गंगा किनारों पर कई ईंट-भट्ठे मौजूद है। जहां नये भट्ठे खोलने पर अब पाबंदी लगा दी गई है। बिहार में गंगा के साथ-साथ अन्य नदियों के किनारों पर ईंट-भट्ठे खोलने पर रोक लगाने के फैसला लिया गया है।जबकि इसको लेकर एक गाइड लाइन भी जारी किया गया है।

ईंट-भट्ठे खोलने वालों के लिए नई गाइड लाइन का पालन करना भी जरुरी होगा। बिहार राज्य प्रदुषण नियंत्रण बोर्ड ने नदी, राजमार्ग और आबादी वाले इलाकों के नजदीक ईंट-भट्ठे खोलने पर रोक लगा दिया है। हालांकि पहले से चल रहे ईंट-भट्ठे को इस रोक से अलग रखा गया है। लेकिन इनके के लिए कुछ मानक बनाये गये हैं जिसका पालन उन्हें अनिवार्य रूप से करना होगा।

अब नए ईंट-भट्ठे के लिए आवेदन करते सयम सभी मानकों का ध्यान रखना होगा। यदि कोई भी आवेदनकर्ता तय मानकों के बिना ही ऑनलाइन आवेदन करते हैं तो उनका आवेदन निरस्त कर दिया जाएगा। साथ ही सहमती शुल्क को भी जब्त कर लिया जाएगा।



ये सभी गाइडलाइन्स को फॉलो करना होगा
दो ईंट-भट्ठा के बीच की दूरी एक किलोमीटर से ज्यादा हो।

आबादी, फलदार बाग-बगीचा, कार्यालय, स्कूल-कॉलेज, अस्पताल, न्यायालय से नए ईंट-भट्ठे की दूरी 800 मीटर से ज्यादा रहे।

नदी या अन्य प्राकृतिक जलस्त्रोत, डैम से दूरी 500 मीटर से अधिक हो।

रेललाइन और राष्ट्रीय राजमार्ग से नए भट्ठे की दूरी 200 मीटर से अधिक होनी चाहिए।

ईंट-भट्ठे पूर्णत: स्वच्छतर तकनीक यानी जिगजैग तकनीक या वर्टिकल शॉफ्ट पर आधारित हो।

फोरलेन से भट्ठा की दूरी 300 मीटर से अधिक रहे।
भट्ठा की चिमनी में पोर्ट हॉल एवं प्लेटफार्म की स्थापना अनिवार्य है। इन्हे भी जरूर पढ़ें

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