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मधुबनी से सुपौल के बीच नई रेल लाईन बनकर तैयार, 120 KM की स्पीड से चलाई गई ट्रायल ट्रेन


मधुबनी से सुपौल के बीच नई रेल लाईन बनकर तैयार, 120 KM की स्पीड से चलाई गई ट्रायल ट्रेन
PATNA-निर्मली और तमुरिया रेलखंड पर हुआ स्पीड ट्रायल, ट्रेन परिचालन की उम्मीदसीआरएस करेंगे निरीक्षण : ट्रेन परिचालन शुरू होने से लोगों को होगी सहूलियत : मंगलवार को मधुबनी और सुपौल के मध्य नवनिर्मित स्टेशन निर्मली और तमुरिया के बीच स्पीड ट्रायल हुआ। इसके तहत तेज गति से रेल इंजन पटरी पर दौड़ी। रेल इंजन के पटरी पर दौड़ने के बाद सीआरएस के निरीक्षण की बात रेल अधिकारी नलिन बिहारी ने बताई है। आने वाले समय में जल्द ही दरभंगा, झंझारपुर, निर्मली होते हुए फारबिसगंज के रास्ते लाइन चालू होने के उम्मीद जगी है। सकरी-झंझारपुर-निर्मली रेलखंड की लंबाई करीब 62 किलोमीटर है। झंझारपुर-निर्मली रेलखंड में दीप, तमुरिया, निमुआं, चिकना, घोघरडीहा, परसा और निर्मली आदि स्टेशन व हाॅल्ट पड़ते हैं। दोनो रेलखंड को बड़ी रेल लाइन में बदलने की घोषणा 17 वर्ष पूर्व हुई। जिसको लेकर दो-दो बार शिलान्यास भी किया गया था।


रेल सहायक अभियंता ने बताया कि कहीं-कही 100 किमी की रफ्तार से भी चलाई गई है। लेकिन अधिकांश तौर पर 120 किलोमीटर की रफ्तार से ट्रेन दौड़ी है। स्पीड ट्रायल होने की खबर पर तमुरिया स्टेशन पर बड़ी संख्या स्थानीय लोग जुटे थे और 10 वर्षों के लम्बे इंतजार के बाद इस रेल खण्ड में जब दो बोगी को लेकर इंजन चली तो वे लोग खुशी से झूम उठे।


इस दौरान ट्रेन में झंझारपुर के पीडब्लूआई व सहायक अभियंता भी सवार थे। उन्होंने बताया कि आज केवल रेलवे ट्रैक का परीक्षण किया जा रहा है ताकि कहीं किसी तरह के गड़बड़ी हो तो उसे सुधारा जा सके। ट्रायल ट्रेन की झलक पाने के लिए तमुरिया ही नहीं बल्कि चिकना, घोघरडीहा, परसा व निर्मली स्टेशन पर भी काफी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद थे।

बता दें कि मिथिलांचल को सीमांचल से जोड़ने वाला यह रेलखंड 1934 में दो हिस्सो में बंट गया था। उसके बाद दरभंगा से झंझारपुर होते हुए निर्मली तक ही छोटी गेज की ट्रेन यातायात जारी रहा। सहरसा जाने के लिए झंझारपुर, तमुरिया, घोघरडीहा व निर्मली रेल खण्ड के लोगों को दरभंगा, समस्तीपुर होकर जाना पड़ता था। झंझारपुर से सीधे निर्मली, कुपहा होकर सहरसा तक रेल नेटवर्क को जोड़ने का काम शुरू हुआ। इसी कड़ी में झंझारपुर और निर्मली के बीच मेगा ब्लॉक लेकर 2012 में आमान परिवर्तन का कार्य शुरू किया गया था। इन 10 वर्षों में पहले सकरी से झंझारपुर तक ट्रेन चलाई गई। इसके आगे निर्मली तक अभी ट्रेन सेवा बहाल होने का लोग इंतजार कर रहे हैं। इन्हे भी जरूर पढ़ें

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