Skip to main content

बिहार मे अगले दो दिनों तक शीतलहर का अलर्ट, इन जिलों मे तापमान 9 डिग्री से नीचे पंहुचा




देश के पहाड़ी राज्यों से आ रही सर्द पछुआ हवाओं ने बिहार में कंपकंपी बढ़ा दी है। गुरुवार को अधिकतम 12 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चली हवा की वजह से राजधानी समेत पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, जहानाबाद, लखीसराय, पूर्वी चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीवान, सारण, गोपालगंज, सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, बक्सर, आरा, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल में कोल्ड डे रहा।

पूर्वानुमान में कहा गया है कि 28 और 29 जनवरी को इन्हीं जिलों में शीतलहर की स्थिति रहेगी। मौसम विभाग ने कोल्ड वेब को लेकर यलो अलर्ट भी जारी किया है। हवा की रफ्तार 16 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है। न्यूनतम पारा 2 से 4 डिग्री तक गिरेगा। अगले पांच दिनों में बारिश होने की संभावना नहीं है। गुरुवार को पूसा सबसे सर्द रहा। यहां का न्यूनतम पारा 5.5 डिग्री गिरकर 7 डिग्री दर्ज किया गया। पटना का न्यूनतम पारा 3.8 डिग्री गिरकर 9 डिग्री दर्ज किया गया।

18 जिलों का न्यूनतम पारा 9 या इसके नीचे

ठंड का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि गुरुवार को मौसम के बदले मिजाज की वजह से पटना समेत 18 जिलों का न्यूनतम पारा 9 या इससे नीचे दर्ज किया गया। इनमें गोपालगंज का न्यूनतम पारा 5 डिग्री गिरकर 7.4, नवादा का 6.3 डिग्री लुढ़ककर 7.7, औरंगाबाद का 4 डिग्री गिरकर 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं सहरसा और भागलपुर का न्यूनतम पारा 10 से अधिक रहा। इनमें भागलपुर का 4 डिग्री गिरकर 10.6 तथा सहरसा का 1.6 डिग्री गिरकर 10.5 डिग्री रिकार्ड किया गया। पटना समेत 18 जिलों का न्यूनतम पारा 9 या इससे नीचे रहा। बिहार में सबसे अधिक न्यूनतम पारा खगड़िया में 6.9 डिग्री गिरा और 9.2 डिग्री दर्ज किया गया।

इन जिलों का न्यूनतम पारा 9 या इससे नीचे

गया का न्यूनतम पारा 4.2 डिग्री गिरकर 8.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं मोतिहारी का 4.8 डिग्री गिरकर 8.2, जीरादेई का बुधवार की तरह की 9 डिग्री, जमुई का 5.5 डिग्री गिरकर 9 डिग्री रहा। इसके अलावा बेगूसराय का 8.8, पू्र्णिया व शेखपुरा का 8.9, मोतिहारी का 8.2, बांका का 8.5, दरभंगा का 4 डिग्री गिरकर 9, छपरा का 2.2 डिग्री गिरकर 8.7, पुपरी का 8.8, नालंदा का 4.7 डिग्री गिरकर 8.6 दर्ज किया गया। बिहार में सबसे अधिक न्यूनतम पारा फारबिसगंज में 14 डिग्री रहा।

अधिकतम पारा भी गिरा

सर्द हवाओं के कारण धूप खिलने के बावजूद पटना समेत बिहार के लगभग सभी जिलों का अधिकतम पारा भी लुढ़क गया। पटना का अधिकतम पारा 1.8 डिग्री गिरकर 18.6 दर्ज किया गया। सबसे कम अधिकतम तापमान वाल्मिकीनगर में 16.6 डिग्री रहा, वहीं सबौर में अधिकतम पारा 21 डिग्री रहा। गया का अधिकतम पारा 2.1 डिग्री गिरकर 18.4, भागलपुर का एक डिग्री लुढ़ककर 20.9 डिग्री रहा। खास बात यह है कि खगड़िया का ही सबसे अधिक अधिकतम पारा 3.7 डिग्री गिरकर 20 डिग्री दर्ज किया गया।

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...