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भारतमाला परियोजना के तहत बिहार को मिला बड़ी सौगात, यह आठ हाईवे बनेंगे शानदार फर्राटा दौड़ेगी गाड़िया




भारत सरकार ने बिहार के रोड आधारभूत संरचना को और भी मजबूत करने के लिए भारतमाला 2 के तहत बिहार के 8 नेशनल हाईवे को शामिल कर लिया है। बताया जा रहा है कि इनकी लागत का शुरुआती आकलन करीब 60 हजार करोड़ रुपए है। परियोजना को भारतमाला में शामिल करने के संबंध में शुक्रवार को मंत्री नितिन नवीन की दिल्ली में केंद्रीय पथ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के आला अधिकारी एक गंभीर बात हुई। बिहार के 8 हाईवे को भारतमाला परियोजना में शामिल किए गए, इसमें राजधानी पटना से कोलकाता एक्सप्रेस सहित कई हाईवे को भारतमाला परियोजना के तहत शामिल किया गया है।

इन हाईवे को भारतमाला परियोजना में शामिल किए गए खबर के अनुसार बताया जा रहा है कि इस प्रयोजना में अररिया से परसरमा वाया सुपौल लंबाई- 112 किमी जिसकी लागत करीब करीब करोड़ रुपए में है। इसके साथ साथ पटना-कोलकाता एक्सप्रेस वे वाया बिहारशरीफ-कटोरिया लंबाई-470 किमी वही इसकी लागत-17900 है। बक्सर से बिहारशरीफ वाया पीरो, अरवल, जहानाबाद जिसकी लमबाई की बात करे तो इसकी लंबाई- 165 किमी और इसकी लागत- 4600 करोड़ की है। सुलतानगंज अगुवानीघाट पुल से देवघर लंबाई- 83 किमी, लागत- 3200 करोड़ की है। इसके साथ दिघवारा से रक्सौल वाया मशरख, पिपराकोठी मोतिहारी वही इसकी लम्बाई -135 किमी, और इसकी लागत की बात करे तो इसकी लागत-5200 करोड़ की है। दलसिंहसराय से सिमरी बख्तियारपुर लंबाई- 70 किमी, लागत-2700 करोड़ की है। इंडो-नेपाल बॉर्डर रोड को 4 लेन किया जाये लंबाई- 552 किमी, लागत-21000 करोड़ो की है। मशरख से मुजफ्फरपुर बनेगी सड़क लंबाई- 55 किमी, लागत-2100 करोड़ की है। इन्हे भी जरूर पढ़ें
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