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ट्रेनों के सिर्फ नाम-नंबर बदल कर रेलवे ले रहा 29% तक अधिक किराया, गरीबों को लूट रही मोदी सरकार



ट्रेनों के सिर्फ नाम-नंबर बदल कर यात्रियों से रेलवे ले रहा 29% तक अधिक किराया, 500 किमी से अधिक दूरी पर भी फेस्टिवल एक्स का किराया लागू : अनलाॅक-7 के बाद अब सबकाे (बच्चाें से लेकर बुजुर्गाें तक) बाहर निकलने की पूरी छूट दे दी गई है। लेकिन रेलवे अब भी ट्रेनों के महज नाम और नबंर बदलकर यात्रियों से 29 फीसदी तक ज्यादा किराया वसूल रहा है। पिछले साल देशव्यापी लॉकडाउन के बाद अनलाॅक हाेते ही नियमित ट्रेनाें की जगह कुछ स्पेशल व क्लाेन ट्रेनें चलाई गईं। बाद मेंे स्पेशल के साथ-साथ फेस्टिवल व हमसफर एक्सप्रेस का दर्जा देकर यात्रियाें की जेब ढीली की जा रही है।

एक ही गंतव्य के लिए कुछ स्पेशल ट्रेन के यात्रियाें से 25 से 70 रुपए अधिक लिए जाते हैं। पटना के रास्ते दिल्ली जाने वाली मगध एक्सप्रेस काे स्पेशल का दर्जा देकर यात्रियाें से 140 से 630 रुपए तक अतिरिक्त किराया लिया जा रहा है। इन ट्रेनाें के नंबर में जीराे लगाकर समय में कुछ अंतर कर दिया गया है। वहीं, पूर्व मध्य रेलवे से खुलने या गुजरने वाली 294 मेल एक्सप्रेस में से 67 ट्रेनों काे फेस्टिवल एक्सप्रेस का नाम देकर 175 रुपए से लेकर 400 रुपए तक अधिक किराया वसूला जा रहा है। बिहार संपर्क क्रांति, वैशाली तथा स्वतंत्रता सेनानी के किराया में भी 25 से 70 रुपए तक की बढ़ाेतरी की गई है। दूसरी अाेर, पूर्व मध्य रेलवे में चल रही 237 पैसेंजर ट्रेनों में से 42 काे मेल एक्सप्रेस का दर्जा देकर यात्रियाें से अधिक किराया लिया जा रहा है।


नहीं बढ़ाया किराया: रेलवे
काेराेना काल के बाद किसी भी ट्रेन का किराया नहीं बढ़ाया गया है। जिन ट्रेनों का किराया ज्यादा है वे स्पेशल व फेस्टिवल स्पेशल हैं। पहले चलने वालीं ट्रेनों के मुकाबले इनका स्टॉपेज कम है और इनके रनिंग टाइम में भी सुधार किया गया है। अाॅन डिमांड चल रही कुछ सवारी ट्रेन काे मेल एक्सप्रेस का भी दर्जा दिया गया है। -राजेश कुमार, सीपीअारअाे, पूर्व मध्य रेलवे

नई रीति : पहले क्लाेन, अब वसूल रहे हमसफर के नाम पर बढ़ा किराया
शुरुअात में दरभंगा से दिल्ली जाने वाली 02569 ट्रेन काे बिहार संपर्क क्रांित सुपरफास्ट तथा सहरसा से दिल्ली जाने वाली 02563 काे वैशाली सुपरफास्ट का क्लाेन ट्रेन बताया गया। इन ट्रेनाें के यात्रियाें से पाैने दाे सौ से चार साै रुपए अधिक वसूले जा रहे थे। अब इन्हीं क्लाेन ट्रेन काे हमसफर का नाम दिया गया है। मुजफ्फरपुर के रास्ते दरभंगा से दिल्ली के लिए 02569 हमसफर तथा सहरसा से दिल्ली के लिए 02563 हमसफर के नाम पर चलाई जा रही है। पटना से अानंद विहार के लिए चल रही 04039 तथा 04045 साप्ताहिक हमसफर का भी दिल्ली के लिए अधिक किराया है।

आपदा काल: स्पेशल ट्रेनों का दर्जा देकर 22 मई 2020 से परिचालन
काेराेना संक्रमण के दाैरान 25 मार्च 2020 से पूरे देश में ट्रेनाें का परिचालन बंद कर दिया गया था। 1 मई 2020 से रेलवे ने राज्य सरकार की मांग पर श्रमिक एक्सप्रेस का परिचालन शुरू किया। उसके बाद राजधानी एक्सप्रेस का परिचालन शुरू हुअा। 22 मई 2020 से मेल एक्सप्रेस ट्रेनाें काे स्पेशल ट्रेन का दर्जा देकर परिचालन शुरू हुअा। इसके बाद चरणबद्ध ढंग से फेस्टिवल ट्रेनें चलाई गई जो बिना फेस्टिवल अवधि भी चलती रही और अब भी चल रही है। लेकिन लोगों से किराया ज्यादा वसूलने का सिलसिला भी अनवरत चल रहा है।

बेतुका तर्क : सिर्फ जीरो जाेड़ा और बना दी स्पेशल ट्रेन
जिन ट्रेनाें का किराया बढ़ा है उसपर रेलवे का तर्क समझ से परे है। अफसरों का कहना है कि यात्रियाें की सुविधा के लिए नियमित ट्रेन के समय पर जीराे के साथ उसी नंबर से चलाई जा रही है ये ट्रेनें स्पेशल हैं। वहीं क्लाेन या हमसफर ट्रेन के नाम पर कुछ नई ट्रेनाें का भी परिचालन किया जा रहा है। इसमें नियमित स्पेशल ट्रेनाें की तुलना में डेढ़ साै से 3 साै रु. अधिक किराया लिया जा रहा है। इसमें पटना, दरभंगा सहित विभिन्न स्टेशनाें से दिल्ली के लिए अलग-अलग ट्रेनें चलाई हैं।

प्रावधान के तहत 500 किमी से कम दूरी तक सफर करने वाले यात्रियाें से ही फेस्टेवल एक्सप्रेस का किराया लिया जाना है। लेकिन इस नियम का उल्लंघन हो रहा है। फेस्टेवल एक्सप्रेस के नाम पर जिन ट्रेनाें का किराया बढ़ाया गया है उसमें रक्साैल-हावड़ा मिथिला एक्स., काठगाेदाम-हावड़ा बाघ एक्स., गाेरखपुर-हावड़ा पूर्वांचल एक्स., राजेन्द्रनगर-हावड़ा एक्स. छपरा-टाटा एक्स., गाेरखपुर-हटिया माैर्या एक्स. प्रमुख हैं। मुजफ्फरपुर से इन सभी स्टेशनाें की दूरी 500 से अधिक तथा 600 किमी के अंदर है। रेलवे का तर्क यह है कि लंबी दूरी के ट्रेनाें में 500 किमी से कम दूरी तक सफर करने वाले यात्रियाें काे उस ट्रेन से यात्रा करने से हताेत्साहित करने के उद्देश्य से फेस्टेवल एक्सप्रेस का किराया लिया जा रहा है। इन्हे भी जरूर पढ़ें
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