Skip to main content

22 ट्रेनों का संचालन फिर से शुरू किया रेलवे, देखें लिस्ट और करें बुकिंग


29 Jun 2021.09:30 AM





नई दिल्ली,

पूरे देश में कोरोना की दूसरी लहर अब थमती नजर आ रही है। हर प्रदेश में कोरोना के आंकड़े लगातार कम होते जा रहे हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो अब जानलेवा कोरोना से जंग में लोगों का जीवट जीत गया है। यही कारण है कि अधिकतर राज्यों ने लॉकडाउन में काफी राहतें दे दी हैं, और ऐसे माहौल में अब रेलवे भी अनलॉक मोड में आ गया है। रोजाना रेलवे नई गाड़ियां चलाने का ऐलान कर रहा है। इसी क्रम में रेलवे जोन ने कुछ विशेष ट्रेनों की बहाली की घोषणा की है। जिसकी जानकारी भारतीय रेलवे ने अपनी वेबसाइट पर दी है।

आइए एक नजर डालते हैं स्पेशल ट्रेनों की लिस्ट पर


01251 पुणे-काजीपेट स्पेशल 9 जुलाई से चलेगी
01252 काजीपेट-पुणे स्पेशल 11 जुलाई से चलेगी
02119 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस- करमाली तेजस स्पेशल 10 जुलाई से चलेगी।
02120 करमाली-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस तेजस स्पेशल 9 जुलाई से चलेगी।
02153 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-हबीबगंज स्पेशल 1 जुलाई से चलेगी।
02154 हबीबगंज-लोकमान्य तिलक टर्मिनस स्पेशल 2 जुलाई से चलेगी।

टिकट की बुकिंग शुरू
01311 सोलापुर-हसन स्पेशल 1 जुलाई से चलेगी।
01312 हासन-सोलापुर स्पेशल 2 जुलाई से चलेगी।
01141 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-आदिलाबाद स्पेशल से चलेगी।
01142 आदिलाबाद-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्पेशल से चलेगी।
02170 नागपुर-छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस स्पेशल से चलेगी।
02169 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-नागपुर स्पेशल से चलेगी।
01223 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-एर्नाकुलम दुरंतो स्पेशल 10 जुलाई से चलेगी।
01224 एर्नाकुलम-लोकमान्य तिलक टर्मिनस दुरंतो स्पेशल 11 जुलाई से चलेगी।विशेष यात्रा ट्रेन
03260 छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस-पटना जं. विशेष यात्रा ट्रेन 6 जुलाई से चलेंगी।
03259 पटना जं.- छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस विशेष यात्रा ट्रेन (सूर्य और बुध) यात्राएं 4 जुलाई से चलेंगी।
02546 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-रक्सौल विशेष यात्रा ट्रेन (शनि) यात्राएं 3 जुलाई से चलेंगी।
02545 रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष यात्रा ट्रेन (गुरु) यात्राएं 1 जुलाई से चलेंगी।
05548 लोकमान्य तिलक टर्मिनस-रक्सौल विशेष यात्रा ट्रेन (बुधवार) यात्राएं 7 जुलाई से चलेंगी।
05547 रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष यात्रा ट्रेन (सोम) यात्राएं 5 जुलाई से चलेंगी।
05268 लोकमान्य तिलक टर्मिनस - रक्सौल विशेष यात्रा ट्रेन (सोम) यात्राएं 5 जुलाई से चलेंगी।
05267 रक्सौल-लोकमान्य तिलक टर्मिनस विशेष यात्रा ट्रेन(शनि) यात्राएं 3 जुलाई से चलेंगी।

जानिए कैसे करें टिकट बुक
आप टिकट बुक करने के लिए सबसे पहले IRCTC की वेबसाइट पर लॉग इन करें या फिर मोबाइल ऐप पर लॉग इन करें।
आईआरसीटीसी अकाउंट के माई प्रोफोइल सेक्शन लिस्ट पर क्लिक करें, इससे आपको सारी स्पेशल ट्रेन के बारे में लिस्ट मिल जाएगी।
तत्काल की टिकट बुक करने के लिए इंटरनेट बैकिंग का इस्तेमाल करें, जहां ये तरीका सुरक्षित है, वहीं तेजी से भी काम कर सकता है।
वैसे आप तत्काल टिकट बुक करने के लिए पेटीएम वॉलेट या यूपीआई का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
सभी स्पेशल ट्रेनों में तत्काल कोटा ज्यादा है, ऐसे में किसी को भी टिकट बुक करने में देरी नहीं होगी। ये खबरें भी पढ़ें

Punjab, Ludhiana, Jalandhar, Amritsar, Patiala, Sangrur, Gurdaspur, Pathankot, Hoshiarpur, Tarn Taran, Firozpur, Fatehgarh Sahib, Faridkot, Moga, Bathinda, Rupnagar, Kapurthala, Badnala, Ambala,Uttar Pradesh, Agra, Bareilly, Banaras, Kashi, Lucknow, Moradabad, Kanpur, Varanasi, Gorakhpur, Bihar, Muzaffarpur, East Champaran, Kanpur, Darbhanga, Samastipur, Nalanda, Patna, Muzaffarpur, Jehanabad, Patna, Nalanda, Araria, Arwal, Aurangabad, Katihar, Kishanganj, Kaimur, Khagaria, Gaya, Gopalganj, Jamui, Jehanabad, Nawada, West Champaran, Purnia, East Champaran, Buxar, Banka, Begusarai, Bhagalpur, Bhojpur, Madhubani, Madhepura, Munger, Rohtas, Lakhisarai, Vaishali, Sheohar, Sheikhpura, Samastipur, Saharsa, Saran, Sitamarhi, Siwan, Supaul,Gujarat, Ahmedabad, Vadodara, Surat, Rajkot, Vadodara, Junagadh, Anand, Jamnagar, Gir Somnath, Mehsana, Kutch, Sabarkantha, Amreli, Kheda, Rajkot, Bhavnagar, Aravalli, Dahod, Banaskantha, Gandhinagar, Bhavnagar, Jamnagar, Valsad, Bharuch , Mahisagar, Patan, Gandhinagar, Navsari, Porbandar, Narmada, Surendranagar, Chhota Udaipur, Tapi, Morbi, Botad, Dang, Rajasthan, Jaipur, Alwar, Udaipur, Kota, Jodhpur, Jaisalmer, Sikar, Jhunjhunu, Sri Ganganagar, Barmer, Hanumangarh, Ajmer, Pali, Bharatpur, Bikaner, Churu, Chittorgarh, Rajsamand, Nagaur, Bhilwara, Tonk, Dausa, Dungarpur, Jhalawar, Banswara, Pratapgarh, Sirohi, Bundi, Baran, Sawai Madhopur, Karauli, Dholpur, Jalore,Haryana, Gurugram, Faridabad, Sonipat, Hisar, Ambala, Karnal, Panipat, Rohtak, Rewari, Panchkula, Kurukshetra, Yamunanagar, Sirsa, Mahendragarh, Bhiwani, Jhajjar, Palwal, Fatehabad, Kaithal, Jind, Nuh, बिहार, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण, कानपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, नालंदा, पटना, मुजफ्फरपुर, जहानाबाद, पटना, नालंदा, अररिया, अरवल, औरंगाबाद, कटिहार, किशनगंज, कैमूर, खगड़िया, गया, गोपालगंज, जमुई, जहानाबाद, नवादा, पश्चिम चंपारण, पूर्णिया, पूर्वी चंपारण, बक्सर, बांका, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, मधुबनी, मधेपुरा, मुंगेर, रोहतास, लखीसराय, वैशाली, शिवहर, शेखपुरा, समस्तीपुर, सहरसा, सारण सीतामढ़ी, सीवान, सुपौल, #बिहार, #मुजफ्फरपुर, #पूर्वी चंपारण, #कानपुर, #दरभंगा, #समस्तीपुर, #नालंदा, #पटना, #मुजफ्फरपुर, #जहानाबाद, #पटना, #नालंदा, #अररिया, #अरवल, #औरंगाबाद, #कटिहार, #किशनगंज, #कैमूर, #खगड़िया, #गया, #गोपालगंज, #जमुई, #जहानाबाद, #नवादा, #पश्चिम चंपारण, #पूर्णिया, #पूर्वी चंपारण, #बक्सर, #बांका, #बेगूसराय, #भागलपुर, #भोजपुर, #मधुबनी, #मधेपुरा, #मुंगेर, #रोहतास, #लखीसराय, #वैशाली, #शिवहर, #शेखपुरा, #समस्तीपुर, #सहरसा, #सारण #सीतामढ़ी, #सीवान, #सुपौल,

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...