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भाजपा को तगड़ा झटका: चुनावों से पहले इस पार्टी ने छोड़ा दामन, कांग्रेस की बल्ले-बल्ले



नई दिल्ली: विधानसभा चुनावों की तारीखों के ऐलान के बाद जबरदस्त तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में असम में चुनावी तारीखों की घोषणा के एक दिन बाद राज्य की प्रमुख क्षेत्रीय सियासी पार्टियों में से एक बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने आज यानी शनिवार को बताया कि पार्टी ने भाजपा(BJP) के साथ सभी संबंधों को खत्म कर लिया है। इसके बाद अब कांग्रेस की अगुवाई वाले महागठबंधन में सम्मिलित हो गया हैं। ऐसे में पार्टी में हड़कंप मच गया है।

दोस्ती या गठबंधन नहीं
ऐसे में बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के अध्यक्ष हागरामा मोहिलारी ने ट्विटर पर कहा, ‘शांति, एकता और विकास को लेकर काम करने के लिए बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) ने आगामी असम विधानसभा चुनाव में महाजाथ (MAHAJATH) के साथ हाथ मिलाने का फैसला किया है। हम अब बीजेपी के साथ दोस्ती या गठबंधन नहीं करेंगे।’

बता दें, बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) ने 2016 में हुए असम विधानसभा चुनावों में 12 सीटों पर जीत हासिल की थी। जबकि इससे पहले, असम के वित्त मंत्री और बीजेपी की अगुवाई वाली नॉर्थ ईस्ट डेमोक्रेटिक अलायंस (NEDA) के संयोजक डॉक्टर हेमंत बिस्वा सरमा ने कहा था कि भाजपा राज्य में 2021 के विधानसभा चुनावों में बीपीएफ के साथ गठबंधन बनाए रखने के लिए इच्छुक नहीं है।

UPPL के साथ गठबंधन
इस बारे में भाजपा(BJP) ने पहले ही घोषणा की थी कि सत्तारूढ़ पार्टी ने पूर्व बोडो छात्रों के नेता और बोडोलैंड क्षेत्रीय परिषद (बीटीसी) के मुख्य कार्यकारी सदस्य प्रमोद बोडो के नेतृत्व में नवगठित यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) के साथ गठबंधन कर लिया है।

भाजपा(BJP) यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (UPPL) और गण शक्ति पार्टी (जीएसपी) ने नई बीटीसी का गठन किया है और हाल ही में बीटीसी चुनावों में बीजेपी ने 9 सीटें तो बीपीएफ ने 17 सीटें जीतीं।

वहीं यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने 12 सीटें जीती, जबकि कोकराझार के सांसद नबा कुमार सरानिया की अगुवाई वाली गण शक्ति पार्टी (जीएसपी) और कांग्रेस ने एक-एक जीत दर्ज की।

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