Skip to main content

हिन्दुस्तान में हिन्दू होना गुनाह है? आतंकियों की गोली से ढाबा मालिक के बेटे की मौत, भडके लोग



श्रीनगर। आतंकवादियों के हमले में गोली लगने से घायल हुए लोकप्रिय कृष्णा ढाबा के मालिक के बेटे की श्रीनगर में रविवार को मौत हो गई। आतंकवादियों ने ढाबा मालिक के बेटे आकाश मेहता को 17 फरवरी को गोली मारी थी। अधिकारियों ने बताया कि मेहता का पिछले 10 दिन से श्रीनगर के एसएमएचएस अस्पताल में इलाज चल रहा था और रविवार तड़के उसने दम तोड़ दिया। आकाश की मौत की खबर आने के कुछ देर बार ट्विटर पर कृष्णा ढाबा हैशटैग ट्रेंड करने लगा। लोगों ने कृष्णा ढाबा मालिक की मौत को लेकर सरकार के साथ ही विपक्ष पर सवाल उठाए।

क्‍या हिन्दुस्तान में हिन्दू होना गुनाह है ?
एक यूजर ने लिखा कि क्‍या हिन्दुस्तान में हिन्दू होना गुनाह है ? कहां हैं तथाकथित सेक्युलर नेता और अवार्ड वापसी गैंग ? क्या हिन्दू की मृत्यु पर सेकुलरिज्म की हत्या नहीं होती ? एक यूजर ने लिखा कि इस्लामी आतंक ने एक और बहादुर हिंदू की जान ले ली। एक अन्य यूजर ने आकाश मेहरा की मौत पर दुख जताते हुए इसे कश्मीरियत पर धब्बा बताया। एक अन्य यूजर ने आकाश की मौत के साथ ही गौरी लंकेश, गोविंद पानसरे की मौत का मुद्दा भी उठाया।

हमारे लिए वरदान था कृष्णा ढाबा
ट्विटर पर कई यूजर्स ने कृष्णा ढाबा से जुड़ी अपनी यादें शेयर कीं। एक यूजर @sukritisudha ने लिखा कि मैं अक्सर वहां खाने के लिए जाया करती थी। यह हमारे लिए एक वरदान की तरह था। अशोक मेहरा पर हमले की खबर और उनकी मौत से बेहद आहत हूं। भगवान उन्हें मोक्ष दे। राजनीतिक विश्लेषक माजिद हैदरी ने सवाल उठाया कि भाजपा ढाबा मालिक के बेटे के बेहतर इलाज के लिए एयरलिफ्ट कर दिल्ली क्यों नहीं लेकर आई।

शाकाहारी भोजन के लिए फेमस है कृष्णा ढाबा
शाकाहारी भोजन परोसने वाला कृष्णा ढाबा यहां काफी फेमस है। यह दुर्गनाग इलाके में स्थित है। भारत और पाकिस्तान के लिए संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह (यूएनएमओजीआईपी) के कार्यालय और जम्मू-कश्मीर के चीफ के निवास जैसे कई महत्वपूर्ण भवन ढाबे से 200 मीटर के दायरे में स्थित हैं ।

मुस्लिम जाबांज फोर्स ने ली थी हमले की जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी ‘मुस्लिम जांबाज फोर्स’ ने ली है। यह आतंकवादी संगठन 1990 के दशक से सक्रिय है। इस हमले के सिलसिले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों के कथित संबंध प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध छद्म समूह से बताए गए हैं।

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...