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नेपाल के इस गांव में माहवारी के दौरान महिलाओ को रखा जाता है गांव से दूर




नेपाल के एक गांव में एक छौपाड़ी नाम की प्रथा है उस प्रथा में माना जाता है। कि महिलाएं पीरियड के दौरान ‘गंदी’ होती हैं। और फिर पीरियड आने पर अपना ही घर छोड़ना पड़ता है। 9 दिन घर से बाहर रहना पड़ा। वह घर के बाहर ही सोती थी।छौपाड़ी नाम की इस परंपरा के तहत लड़कियों और महिलाओं को पीरियड्स के दौरान गांव से बाहर छोटे कमरों में रखा जाता है। प्राचीन हिन्दू परंपरा के तहत, पीरियड्स वाली लड़कियों को अस्वच्छ माना जाता है।


सरकार ने 2005 में इस परंपरा पर पाबंदी लगा दी थी, लेकिन नेपाल विशेषकर, पश्चिमी नेपाल के कई गांवों में यह परंपरा अब भी जारी है।पीरियड्स के दौरान गांव से बाहर एक कमरे में रखने की नेपाल की प्राचीन परंपरा के कारण 15 साल की एक लड़की की मौत हो गई। इस प्राचीन हिन्दू परंपरा पर सरकार द्वारा एक दशक से भी पहले पाबंदी लगाई जा चुकी है।



नहाने के लिए गांव के पानी को इस्तेमाल करने की इजाजत दी भी नहीं दी जाती। इतना ही नहीं महिलाओं को टॉयलेट भी नहीं जाने दिया जाता। चार दिन झोपड़ियों में रहने के बाद महिलाओं को नहाने के लिए कहा जाता है और उन्हें गाय के पेशाब से शुद्ध होना पड़ता है। इसके बाद ही वे अपने घरों में सामान्य जिंदगी के लिए लौट सकती हैं।

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