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जब नबी पाक को शहीद करने की गई थी साजिश पढिये कैसे अल्लाह ने बचाया, हर ईमान वालों को ज़रूर......


क्या आप जानते हैं जब नबी पाक को शहीद करने की कोशिश की गई और अल्लाह ने अपनी कदरत से उनकी हिफाज़त फरमाई जब मुसलमानो को बहुत सताया जाने लगा तो अल्लाह ने हज़रत का हुक्म दे दिया बहुत से ईमान वाले मदीना पाक की हिजरत की उसके नबी पाक ने हिजरत करने का इरादा फरमाया तो क़ुरैश ने साजिश करना शुरू कर दिया।

कुरैश को जब मालूम हुआ के मोहम्मद (ﷺ) भी हिजरत करने वाले हैं, तो उन को बड़ी फिक्र हुई के अगर मोहम्मद (ﷺ) भी मदीना चले गए, तो इस्लाम जड़ पकड़ जाएगा और फिर वह अपने साथियों के साथ मिल कर हम से बदला लेंगे और हमें हलाक कर देंगे। इस बिना पर उन्होंने कुसइ बिन किलाब के घर, जो दारुन नदवा के नाम से मशहूर था, साजिश के लिये जमा हुए।

उस में हर कबीले के सरदार मौजूद थे, सभी ने आपस में यह तय किया, के हर कबीले का एक एक शख्स जमा हो और सब मिल कर तलवारों से हुजूर (ﷺ) का खातमा करदें (नऊजु बिल्लाह). इस फैसले के बाद उन्होंने रात के वक़्त रसूलुल्लाह (ﷺ) के मकान को घेर लिया और इस इन्तेजार में रहे के जब मोहम्मद (ﷺ) सुबह को नमाज़ के लिये निकलेंगे, तो तलवारों से उनका खात्मा कर देंगे।

मगर अल्लाह तआला ने रसूलुल्लाह (ﷺ) को कुरैश की इस साजिश से बाखबर कर दिया, इसी लिये आप रात को अपने बिस्तर पर हजरत अली (र.अ) को लिटा कर सूर-ए-यासीन पढ़ते हुए और उन के सरों पर मिट्टी डालते हुए उन के सामने से गुजर गए और अल्लाह तआला ने उन की आँखों पर परदा डाल दिया, उन लोगों को कुछ भी खबर न हुई। सुबह को जब उन्होंने हज़रत अली (र.अ) को बाहर निकलते देखा तो बहुत शर्मिंदा हुए।

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