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सिंघु बॉर्डर खाली कराने को लेकर बवाल, 40 गांवों की महापंचायत शुरु, भारी भीड जुटी



नई दिल्ली: नए कृषि कानूनों के खिलाफ पिछले करीब 2 महीनों से हजारों की संख्या में किसान सिंघु बॉर्डर पर प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद आज दिल्ली-हरियाणा सीमा पर हालात तनावपूर्ण हो गए हैं.

सड़क खाली कराने को लेकर हुआ बवाल
यहां खुद को स्थानीय नागरिक बता रहे ग्रामीणों का एक बड़ा समूह प्रदर्शनकारी किसानों से जगह खाली कराने की मांग को लेकर भिड़ गया. चश्मदीदों ने भीड़ को पत्थर, लाठियों, तलवारों से लैस देखा. इसके बाद स्थिति पर नियंत्रण करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े. इस बवाल के बीच एक व्यक्ति ने दिल्ली पुलिस के अलीपुर थाना प्रभारी (SHO) प्रदीप पालीवाल पर तलवार से हमला कर दिया, जिसके बाद वह घायल हो गए.

सोनीपत में जारी है महापंचायत
काफी समय बाद पुलिस ने हंगामें को शांत कराया. जिसके बाद हरियाणा के सोनीपत में 40 गावों की महापंचायत शुरू हो गई. महापंचायत में सिंघु बॉर्डर को खाली कराने पर चर्चा चल रही है. वहीं पंजाब के रहने वाले हरकीरत मान बेनीवाल (21) ने कहा, ‘वे स्थानीय लोग नहीं हैं, बल्कि भाड़े पर बुलाए गए गुंडे हैं. वे लोग हम पर पथराव कर रहे थे और पेट्रोल बम फेंक रहे थे. उन्होंने हमारी ट्रॉली भी जलाने की कोशिश की. हम उनका प्रतिरोध करने के लिए यहां हैं.’

जांच करने गाजीपुर पहुंची FSL की टीम
वहीं गणतंत्र दिवस के दिन ट्रैक्टर परेड में हुई हिंसा मामले की जांच के लिए क्राइम ब्रांच और FSL की टीम गाजीपुर बॉर्डर पहुंच चुकी है. जहां कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का प्रदर्शन चल रहा है.FSL की टीम यहां सबूत इकट्ठा कर रही है. सड़क पर पत्थर के जो रोड ब्लॉकर लगाए गए थे, उसकी जांच की जा रही है. FSL दिल्ली के प्रमुख संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि कैसे ट्रैक्टर के जरिए इस ब्लॉक को तोड़ा गया था. कितनी स्पीड में ट्रैक्टर ट्राली थी. इस सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है. साथ ही CCTV फुटेज, मोबाइल फुटेज को जांच के लिए लैबोरेट्री भेजने की तैयारी भी शुरू हो गई है.

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