Skip to main content

पुलवामा पर गंदी राजनीति से भावुक हुए पीएम मोदी, खोली सारी पोल, बोलेः इन लोगों ने…



पुलवामा पर गंदी राजनीति से भावुक हुए पीएम मोदी, खोली सारी पोल, बोलेः इन लोगों ने… प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलवामा हमले का जिक्र करते हुए कहा कि जब हमारे देश के जवान शहीद हुए थे उस वक्त भी कुछ लोग राजनीति में लगे हुए थे। उन्होंने कहा कि पूरा देश वीर जवानों की शहादत से दुखी थी, लेकिन कुछ लोग इस दुख में शामिल नहीं थे। पीएम ने कहा कि ऐसे लोगों को देश कभी भूल नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि उस वक्त वे सारे आरोपों को झेलते रहे, भद्दी भद्दी बातें सुनते रहे।

पीएम ने कहा, ‘मेरे दिल पर गहरा घाव था। लेकिन पिछले दिनों पड़ोसी देश से जिस तरह से खबरें आई है, जो उन्होंने स्वीकार किया है, इससे इन दलों का चेहरा उजागर हो गया है।’ प्रधानमंत्री मोदी पाकिस्तान की इमरान खान सरकार के मंत्री फवाद चौधरी की संसद में पुलवामा हमले को लेकर कबूलनामे का जिक्र कर रहे थे। फवाद ने पाकिस्तानी संसद में कहा था कि पुलवामा हमला उसकी सरकार के कार्यकाल की बड़ी उपलब्धि है।

पुलवामा की घटना पर कुछ लोग देश के दुख में शामिल नहीं थे: मोदी
गुजरात के केवड़िया में देश के प्रथम उप-प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सरदार पटेल की 145वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि जब मैं अर्धसैनिक बलों की परेड देख रहा था, तो मन में एक और तस्वीर थी। ये तस्वीर थी पुलवामा हमले की। उन्होंने कहा, ‘देश कभी भूल नहीं सकता कि जब अपने वीर बेटों के जाने से पूरा देश दुखी था, तब कुछ लोग उस दुख में शामिल नहीं थे, वो पुलवामा हमले में अपना राजनीतिक स्वार्थ देख रहे थे। देश भूल नहीं सकता कि तब कैसी-कैसी बातें कहीं गईं, कैसे-कैसे बयान दिए गए। देश भूल नहीं सकता कि जब देश पर इतना बड़ा घाव लगा था, तब स्वार्थ और अहंकार से भरी भद्दी राजनीति कितने चरम पर थी।’

उन्होंने राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल जैसे विरोधियों का नाम लिए बिना उन पर जबर्दस्त निशाना साधा। उन्होंने दांत पीसते हुए कहा कि अब जब पाकिस्तान ने सच स्वीकार कर लिया तो इनके असली चेहरे सामने आ गए। पीएम ने कहा, ‘पिछले दिनों पड़ोसी देश से जो खबरें आईं हैं, जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका बड़ा उदाहरण है।’

‘न अपना भला कर पाएंगे न ही देश का’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की दुहाई देते हुए राजनीतिक दलों से कहा कि मैं ऐसे राजनीतिक दलों से आग्रह करूंगा कि देश की सुरक्षा के हित में, हमारे सुरक्षाबलों के मनोबल के लिए, कृपा करके ऐसी राजनीति न करें, ऐसी चीजों से बचें। अपने स्वार्थ के लिए, जाने-अनजाने आप देश विरोधी ताकतों की हाथों में खेलकर, न आप देश का हित कर पाएंगे और न ही अपने दल का।

राजनीतिक स्वार्थ के लिए पार की सारी हदें
पीएम ने कहा कि जिस प्रकार वहां की संसद में सत्य स्वीकारा गया है, उसने इन लोगों के असली चेहरों को देश के सामने ला दिया है। अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए, ये लोग किस हद तक जा सकते हैं, पुलवामा हमले के बाद की गई राजनीति, इसका बड़ा उदाहरण है।

पाकिस्तान के मंत्री ने मानी पुलवामा हमले की बात
पाकिस्तान की इमरान खान सरकार में मंत्री फवाद चौधरी ने गुरुवार को संसद में माना कि पुलवामा में CRPF के काफिले पर हुए हमले में पाकिस्तान का हाथ था। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमला पाकिस्तान की कामयाबी है। फवाद चौधरी ने पुलवामा हमले का श्रेय इमरान खान और उनकी पार्टी PTI को दिया। उन्होंने कहा कि पुलवामा हमला इमरान खान के लिए एक उपलब्धि है।

पीएम मोदी पर विपक्ष ने लगाए थे आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने उस साल फरवरी में केंद्र पर हमला करते हुए आरोपों के संदर्भ में कई सवाल पूछे थे और ये भी कहा था कि बीजेपी को ऐसे नृशंस हमले से फायदा हो सकता है। राहुल गांधी ने ट्वीट कर पुलवामा हमले पर तीन सवाल पूछे थे। उन्होंने लिखा था कि जब हम पुलवामा के चालीस शहीदों को याद कर रहे हैं, तब हमें पूछना चाहिए…पुलवामा आतंकी हमले से किसे सबसे ज्यादा फायदा हुआ? पुलवामा आतंकी हमले को लेकर हुई जांच से क्या निकला? सुरक्षा में चूक के लिए मोदी सरकार में किसकी जवाबदेही तय हुई? वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बीके हरिप्रसाद ने भी आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके पाकिस्तानी समकक्ष इमरान खान के बीच “मैच फिक्सिंग” हुई थी, जिससे पुलवामा में आतंकी हमला हुआ था। इससे पहले, भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने गांधी और कांग्रेस पार्टी पर हमला किया था।

केजरीवाल ने लगाए थे पीएम पर गंभीर आरोप
अरविंद केजरीवाल ने भी एक विवादित ट्वीट करके था कहा कि ‘पाकिस्तान और इमरान खान खुलकर मोदी जी का समर्थन कर रहे हैं। अब यह स्पष्ट है कि मोदी जी ने कोई गुप्त समझौता किया है।’ अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘हर कोई पूछ रहा है- क्या लोकसभा चुनाव से पहले मोदी जी की मदद के लिए पाकिस्तान ने 14 फरवरी को हमारे 40 बहादुर जवानों को मार दिया?’

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...