Skip to main content

चावल का यह एक उपाय आपको बना देगा करोड़पति, जानिये कैसे


चावल का यह एक उपाय आपको बना देगा करोड़पति, जानिये कैसे - ऐसा नहीं है की पैसे की लालसा आज के समय में सबको बहुत ज्यादा है बल्कि धन का मोह तो पुराने ज़माने में भी था। फर्क सिर्फ इतना था कि तब लेन-देन में उपयोग होते थे सोने-चांदी की अशर्फियां और जेवर भी। उस समय भी अमीर-गरीब होते थे। लोग अमीर बनने की तब भी कोशिशें करते थे। उस समय में मेहनत के साथ ही चमत्कारी उपायों का चलन भी काफी अधिक था। काफी लोग ऐसे उपाय करते थे। रातों-रात बदल जाती थी उनकी किस्मत। उस समय लोग चावल से मालामाल होने के चमत्कारी उपाय करते थे तो आइये जानते है ऐसा क्यों?

जैसा आप जानते हैं हम चावल को अक्षत भी कहते हैं और अक्षत का अर्थ होता है अखंडित। अर्थात जो टूटा हुआ न हो वही अक्षत यानि चावल माना गया है। शास्त्रों के अनुसार यह पूर्णता का प्रतीक होता है। इसी वजह से सभी प्रकार के पूजन कार्यों में भगवान को चावल अर्पित करना अनिवार्य माना गया है। इसके बिना पूजा पूर्ण नहीं मानी जाती है।

इसके लिए आप किसी भी दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठें। सभी नित्य कार्यों जैसे स्नान आदि से निवृत्त हो जाएं। इसके बाद लाल रंग का कोई रेशमी कपड़ा लें। अब उस लाल कपड़े में पीले चावल के 21 दानें रखें। ध्यान रखें चावल के सभी 21 दानें पूरी तरह से अखंडित होने चाहिए यानि कोई टूटा हुआ दाना नहीं होना चाहिए तथा उन दानों को कपड़े में बांध लें।

जानिए वो 12 राज हमारे विशेषज्ञो से...

चावल को पीला करने के लिए हल्दी का प्रयोग करें। इसके लिए हल्दी में थोड़ा पानी डालें। अब इस गीली हल्दी में चावल के 21 दानें डालें। इसके बाद अच्छे से चावल को हल्दी में रंग लें। चावल रंग जाएँ तो इसके बाद इन्हें सुखा लें। इस प्रकार तैयार हुए पीले चावल का उपयोग पूजन कार्य में कर सकते हैं।

लाल कपड़े में 21 पीले चावल के दाने बांधने के बाद धन व ऐश्वर्य की देवी माता लक्ष्मी की विधि-विधान से पूजा करें। पूजा में लाल कपड़े में बंधे इन चावल को भी रखें। पूजन के बाद इन लाल कपड़े में बंधे चावलों को अपने पर्स में छिपाकर रख लें। ऐसा करने पर आपको महालक्ष्मी की कृपा प्राप्त होती है और धन संबंधी मामलों में चल रही रुकावटें दूर हो जाती हैं।

ऐसा करने पर धन संबंधी परेशानियां दूर धीरे-धीरे कम होने लगेंगी। आपको यह भी ध्यान रखना है कि पर्स में किसी भी प्रकार की अधार्मिक वस्तु कतई न रखें। इसके अलावा पर्स में चाबियां भी नहीं रखनी चाहिए। सिक्के और नोट अलग-अलग ढंग से व्यस्थित रखे होने चाहिए। पर्स में नोट के साथ बिल या अन्य पेपर न रखें। इसके आलावा किसी भी प्रकार की अनावश्यक वस्तु भी पर्स में न रखें।

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...