Skip to main content

अगर आपके शरीर के इन 4 भागो में से किसी एक पैर है ये तिल तो आप होगे धनवान और भाग्यवान



आज मैं आपको बताने जा रहा हूं शरीर पर दिखने वाले तिलों के बारे में ज्योतिष के आधार पर शरीर पर कुछ ऐसे मुख्य स्थान है जहां तिल होना बहुत ही अच्छा और शुभ माना जाता है मानव शरीर में प्राकृतिक तौर पर कई जगह तिल होते हैं कई लोगों को शरीर के लिए तेल बहुत अच्छे लगते हैं तो कई लोगों को तिल के होने न होने से कोई फर्क नहीं पड़ता मित्रों तिल का अच्छा लगना या शरीर पर तिल होने से कोई फर्क पड़ना यह मैटर नहीं करता दरअसल यह सब इस बात पर निर्भर करते हैं कि व्यक्ति के शरीर पर तिल कहां है वैसे तो शरीर के अलग-अलग स्थान पर तिल होने के महत्व का वर्णन शास्त्रों किया गया है मैं आपको ऐसे चार स्थानों के बारे में बताने जा रहा हूं जिस व्यक्ति के इन स्थानों पर तिल होते हैं. शास्त्र अनुसार बताया जाता है कौन से हैं वह 4 स्थान। कौन से हैं चार स्थान पर तिल होने से शुभ माना जाता है

1. पहला मुख्य स्थान हमारे चेहरे पर होठों के नीचे का हिस्सा जिसे हम थोड़ी कहते हैं यहां थोड़ी पर तिल होना सीधे तौर पर शुभ संकेत माना जाता है शास्त्र मत अनुसार जिन लोगों की ठोड़ी पर तिल होता है उन व्यक्तियों के सदैव बिगड़े काम बनते हैं ऐसे लोगों की फाइनेंसियल स्थिति भी अच्छी पाई जाती है यदि किसी पुरुष के थोड़ी पर तिल हो तो ऐसा व्यक्ति पैसे कमाने का जुनूनी पाया जाता है तो वही जिस महिला के यहां तिल होता है उन्हें अन्य महिलाओं से ज्यादा सजना सवरना पसंद होता है ये महिलाएं अन्य महिलाओं की अपेक्षा अधिक पैसा खर्च करती है. थोड़ी पर तिल होने से व्यक्ति को कम मेहनत में अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं और व्यक्ति कम प्रयासों में अच्छा मुकाम हासिल कर लेता है जिनकी थोड़ी पर तिल होता है ऐसे व्यक्तियों में कोई न कोई कला अवश्य होती है किंतु अक्सर देखा जाता है कि जो कम इनमे गॉड गिफ्टेड होती है उस पर ध्यान न देकर यह लोग अन्य कला में ही भागादौड़ी करते पाए जाते हैं लोगों की थोड़ी पर बिल्कुल बीच में तिल होता है ऐसे लोगों की अपने पार्टनर के बनती है और साथ ही ये बहुत अच्छा माना जाता है.

2. शास्त्र मत अनुसार व्यक्ति के शरीर का दूसरा मुख्य स्थान जहां तिल होना माना जाता है अत्ति शुभ, आपकी दोनों आंखों के बीच का मध्य भाग जिसे हम नाक या नोज कहते हैं जी हां शास्त्र मत अनुसार जिन लोगों के नाक पर तिल होता है यह लोग मन के साफ होते हैं थोड़ी नखराली भी इन लोगों में देखी जा सकती है हंसी मजाक करना पसंद होता है किसी के लिए छल कपट नहीं रखते यह लोग स्वाभिमानी भी होते हैं वे संयम के कर्म पर विश्वास रखते हैं और स्वयं की मेहनत के दम पर ही जीवन में आगे बढ़ते जिन व्यक्तियों के नाक पर तिल होता है इन्हें जीवन में ग्रोथ अवश्य मिलती है शास्त्र अनुसार जिनके नाक पर तिल होता है उन्हें ३२ वर्ष के बाद सफलताओं की अनुभूति प्राप्त होना प्रारंभ हो जाती है ये लोग जॉब करें या व्यवसाय जीवन में अच्छे परिणाम देखने को मिलते हैं. बात करते महिलाओं की तो जिन महिलाओं के नाक पर तिल होता है ऐसी महिलाएं गृह कार्य से अधिक करियर में एक श्रेष्ठ मुकाम हासिल करने में अधिक रुचि रखता कि ऐसे व्यक्ति जिनकि नाक पर तिल होता है यह लोग वाणी केंद्र में शब्दकोष की धनि पाए जाते हैं.

3. तो आइये जान लेते है शरीर का कौन सा वे तीसरा स्थान जहां तिल होना माना जाता है अति शुभ है शास्त्र मतानुसार हथेली पर तिल होना शुभ माना जाता है इस में शुभता का प्रभाव अधिक मात्रा में तब देखा जा सकता है जब पुरुष के राईट हैण्ड में और महिला के लेफ्ट हैंड में तिल और इस दिल के सोने पर सुहागा तक लग जाता है जब आप मुट्ठी बंद करें और तिल मुट्ठी में बंद हो जाए जिस व्यक्ति की मुट्ठी बंद करने पर मुट्ठी में तिल बंद हो जाता है ऐसे व्यक्ति को बहुत लकी माना जाता इन लोगों का जीवन कुशल मंगल तो होता ही है साथ ही ऐसे लोग धनवान भी होते हैं किसी भी प्रकार के कार्य छोटे हो या बड़े उनके कम बड़ी आसानी से हो जाते है. विवाह पशचात इन लोगों को ससुराल पक्ष से परिपूर्ण सम्मान मिलता है

4. चौथा स्थान है मित्रों व्यक्ति कि पीठ इसे शास्त्र मत अनुसार माना गया है शुभ, शास्त्र मत अनुसार पीठ पर तिल होना अति शुभ माना जाता है ऐसे व्यक्ति घूमने फिरने के शौकीन होते हैं वह बड़े रोमांटिक मिजाज के होते हैं यह लोग बड़े खुश मिजाज के होने के साथ साथ दूसरों को खुश रखने का भी प्रयास करते हैं परिवार की केयर करने वाले व जीवन में कम उम्र में ही श्रेष्ठ मुकाम हासिल कर लेते हैं मेहनत से अधिक वाणी से धन अर्जित करने के योग लोगों में पाए जाते कुटुंब परिवार बच्चों का स्नेह पूर्ण रूप से मिलता है और आज के समय के अनुसार देखा जाए तो परिवार के सुख से बड़ा शायद ही कोई और सुख होगा.

Comments

Popular posts from this blog

किस जाति के होते हैं नाम के पीछे मुल्ला लगाने वाले मुसलमान? जवाब जानकर चौंक जाएंगे

नई दिल्ली।  भारत में कई धर्मों के लोग साथ मिलकर रहते हैं। यहां एक ही जगह पर कई धर्म-समुदाय के लोग रहकर एकता में अनेकता का उदहारण पेश करते हैं। हिंदू धर्म की तरह मुस्लिम धर्म में भी कई जातियां होती है। इसमें खान, सैयद, पठान, कुरैशी, शेख, अंसारी आदि शामिल हैं। क्या आपको पता है कि कई मुसलमान अपने नाम के पीछे मुल्ला लगाते हैं। आज हम आपको मुल्ला सरनेम और जाति के बारे में बताएंगे। कौन होते हैं मुल्ला मुल्ला शब्द फारसी से लिया गया है, जो कि अरबी के शब्द ‘मौला’ से ताल्लुक रखता है। मौला का अर्थ होता है मास्टर और गार्डियन। मुल्ला इस्लामी धार्मिक शिक्षा में योग्यता रखने वाले लोगों को कहते हैं। इसका उपयोग स्थानीय इस्लामी धर्मगुरु या मस्जिद के इमाम के लिए भी किया जाता है। साथ ही जो मुसलमान शरीअत का आलिम होता है उसे भी आदर से मुल्ला कहा जाता है। कसाई में आते हैं ये लोग इस्लामी ज्ञान रखने वाले व्यक्ति के लिए मुल्ला कोई आधिकारिक उपाधि नहीं है। कई मुसलमानों में ये पारिवारिक सरनेम भी है। जैसे हिंदुओं में धर्म के जानकार को पंडित कहते हैं और उनके घर वाले भी ये सरनेम लगाने लगते हैं...

“सर तन से जुदा,सर तन से जुदा” : मजहबी उन्मादियों का दुस्साहस, पुणे जिलाधिकारी ऑफिस पर किया संत रामगिरि की हत्या का ऐलान

नई दिल्ली ।  पुणे कलेक्टर के कार्यालय के बाहर एक बड़ी भीड़ ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन के नाम पर माहौल को तनावपूर्ण बना दिया, जब वहां “अल्लाह हू अकबर” और “सर तन से जुदा” जैसे उग्र नारे लगाए गए। यह भीड़ हिंदू संत महंत रामगिरि महाराज की हत्या की मांग कर रही थी। इन नारों ने पूरे देश में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। नारेबाजी के दौरान “नारा ए तकबीर, अल्लाहु अकबर” और “लब्बैक या रसूलिल्लाह” जैसे धार्मिक नारे भी लगाए गए, जो कुछ ही देर में ‘सर तन से जुदा’ जैसे खतरनाक और हिंसक नारों में तब्दील हो गए। इस तरह की नारेबाजी आमतौर पर पाकिस्तान में जिहादी तत्वों द्वारा सुनी जाती है, लेकिन इसे पुणे की सड़कों पर सुना जाना बेहद चौंकाने वाला है। ‘नारा ए तकदीर, अल्लाहु अकबर’ व ‘…रसूलिल्लाह’ बोलते बोलते ये जिहादियों की भीड़’सर तन से जुदा’ की अपनी संस्कृति पर कैसे उतर जाती है? ये नारे पुराने नहीं, पाकिस्तान में भी नहीं अपितु, अभी हाल ही में पुणे में लगे हैं। किंतु फिर भी कम्युजिहादी व सेक्युलर जमात में सन्नाटा पसरा है!!…  pic.twitter.com/etJ96jH5rK — विनोद बंसल Vinod Bansal (@vinod_bansal)...

भारत वापस आएगी नटराज की नौवीं सदी की दुर्लभ मूर्ति, 22 साल पहले राजस्थान से हुई थी चोरी

22 साल पहले भगवान शिव की जो दुर्लभ मूर्ति चुराकर लंदन पहुंचा दी गई थी, वो वापस भारत आ रही है। आज-कल में नटराज की यह मूर्ति भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआइ) को सौंप दी जाएगी। नौवीं शताब्दी में चार फीट की इस मूर्ति का निर्माण प्रतिहार शैली में किया गया था। राजस्थान के बाड़ौली स्थित घंटेश्वर मंदिर से फरवरी, 1998 में यह मूर्ति गायब हो गई थी। पांच साल बाद पता चला कि तस्करों ने मूर्ति को ब्रिटेन पहुंचा दिया है। भारतीय एजेंसियां तभी से इसकी तलाश में थी। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने ब्रिटिश सरकार की मदद से 2005 में इसे एक निजी संग्रहकर्ता से स्वेच्छा से हासिल किया। तभी से यह मूर्ति लंदन में इंडिया हाउस की लॉबी की रौनक बढ़ा रही थी। भारत सरकार अपने सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में एक नई ऊर्जा के साथ जुटी गुई है। विदेश मंत्रालय के नेतृत्व में भारतीय एजेंसियां चोरी व तस्करी की गई सांस्कृतिक विरासत को वापस लाने में जुटी हैं। भारत से चोरी हुई ब्रह्मा व ब्रह्माणी की मूर्ति भी ब्रिटेन से ही 2017 में वापस लाई गई थी। लंदन पुलिस द्वारा बरामद 12वीं सदी की बुद्ध की एक दुर्लभ कांस्य प्रतिमा को ...